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अमेठी-खसरा और खतौनी के नाम पर किसानों से हो रही धन उगाही •चकबंदी वाले ग्रामों के किसानों के साथ ठगी

शुकुल बाजार ,अमेठी । एक और किसान जहां मौसम की मार से परेशान हो उठे हैं वही उन्हें अपने खाते से संबंधित खसरा और खतौनी लेने के नाम पर बड़े पैमाने पर धन उगाही की जा रही है जानकारी के मुताबिक जिन गांव में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है उन गांव के किसानों की खसरा और खतौनी सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय शुकुल बाजार से प्राप्त होती है चकबंदी वाले गांव की खसरा खतौनी ऑनलाइन न मिलने के कारण किसान मजबूरन इस कार्यालय का चक्कर लगाते हैं विशेष रुप से मवैया रहमतगढ़ इक्काताजपुर सहित अन्य चकबंदी गांव वाले किसान जिन्हें किसान क्रेडिट कार्ड, गेहू की बिक्री के लिए एवं जिन किसानों का कृषि बीमा हुआ है ऐसे किसान अपनी खसरा और खतौनी के लिए चकबंदी लेखपालों का चक्कर लगाते हैं उन्हें खसरा और खतौनी के नाम पर 400 से 500 रूपये अदा करने पड़ते हैं उसके बाद ही उन्हें लेखपालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं जिससे किसान परेशान हो उठे हैं इस संबंध में सहायक चकबंदी अधिकारी का कहना है कि किसानों की सहूलियत के लिए कार्यालय से नियमित रूप से लेखपालों द्वारा नकल जारी की जा रही है उनका कहना है कि यदि किसी के द्वारा शिकायत प्राप्त होती है तो निश्चित रूप से कार्यवाही की जाएगी पर किसानों के अनुसार चिराग तले अंधेरा वाली बात ही चरितार्थ होती है क्योंकि उसी कार्यालय में बैठे हुए लेखपाल खुले आम लोगों से खसरा और खतौनी के नाम पर धन की मांग करते हैं क्षेत्रीय किसानों प्रबुद्ध जनों ने जिलाधिकारी अमेठी से मांग की है कि खसरा और खतौनी से संबंधित निर्धारित शुल्क का एक बोर्ड सहायक चकबंदी अधिकारी कार्यालय पर चस्पा किया जाए जिससे किसान खसरा और खतौनी नकल का निर्धारित मूल्य देते हुए अपना कागजात प्राप्त कर सकें और ठगी होने से बच सकें इसके साथ-साथ जांच कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की भी मांग की है।