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अयोध्या में वही हुआ जो भगवान राम ने कभी लंका पर विजय से पहले किया था

नई दिल्ली: अयोध्या में आज वही हुआ जो भगवान राम ने कभी लंका पर विजय से पहले किया था। भगवान राम ने लंका पर विजय से पहले कुबेरेश्वर महादेव शिवलिंग पर रुद्राभिषेक किया था।

राम जन्मभूमि परिसर में 28 वर्षों के बाद आज कुबेर टीले पर स्थित शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया गया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने आज सुबह कुबेरेश्वर महादेव शिवलिंग पर रुद्राभिषेक किया।

बताया जा रहा है कि रामजन्मभूमि परिसर में स्थित कुबेर टीला पर विराजमान कुबेरेश्वर महादेव शिवलिंग पर रुद्राभिषेक 28 साल बाद हुआ है। राम मंदिर निर्माण की शुरू हुई प्रक्रिया के बीच रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कुबेर टीला के निकट स्थित शेषावतार मंदिर पर अनुष्ठान शुरू कराया गया है।

इस अनुष्ठान के बीच जून को कुबेरेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। आपको बता दें कि 11 मई से शुरू हुए समतलीकरण के दौरान प्राचीन भग्नावशेष प्राप्त हुए थे। इन अवशेषों में मंदिर के शिलाखंडों के साथ साढ़े फिट व्यास का शिवलिंग भी प्राप्त हुआ था। प्राप्त शिवलिंग एवं कुबेर टीला पर प्रतिष्ठित शिवलिंग हूबहू एक तरह के हैं।

इसके बाद ही ट्रस्ट ने कुबेर टीला के निकट शेषावतार मंदिर में अनुष्ठान शुरू कराया। यह अनुष्ठान कारसेवकपुरम स्थित श्रीराम वेद विद्यालय के प्राचार्य पं. इन्द्रदेव मिश्र के नेतृत्व में किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि 7 जनवरी, 1993 को रामजन्मभूमि परिसर के अधिग्रहण के पहले क्षेत्रीय नागरिक कुबेर टीला पर आराध्य का अभिषेक पूजन करते थे। इसके साथ ही महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात निकाली जाती थी और मेला लगता था। अधिग्रहण के बाद भी अभिषेक पूजन भले बंद हो गया लेकिन महाशिवरात्रि पर बारात की परम्परा कायम रही। यह सिलसिला पांच जुलाई, 2005 को रामजन्मभूमि परिसर में आतंकवादी हमले की घटना के पहले तक चलता रहा लेकिन पुन: प्रशासनिक प्रतिबंधों ने ब्रेक लगा दिया।