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कोयंबटूर- कोयंबटूर के पोर्टल ने लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप,गिरफ्तारी की पत्रकार संगठनों ने की आलोचना

कोरोना वायरस की महामारी के बीच फर्जी खबरों की भी बाढ़ सी आ गई है. तमिलनाडु पुलिस ने आधारहीन और उत्तेजक सामग्री प्रकाशित करने के आरोप में एक स्थानीय पोर्टल के संचालक को गिरफ्तार किया है. यह मामला कोयंबटूर का है. इस कार्रवाई पर पत्रकार संगठनों ने नाराजगी जताई है.

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कोयंबटूर के आरएस पुरम थाने की पुलिस के अनुसार एक पोर्टल पर लगातार आधारहीन और उत्तेजक खबरें प्रकाशित होने की शिकायत मिल रही थी. पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पोर्टल के संस्थापक एण्ड्रयू सैम राजा पांडियन को हिरासत में लेकर पूछताछ किया. पूछताछ के बाद पुलिस ने पांडियन को धारा 188, 505 (आई) और पैनडेमिक एक्ट की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया.
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पांडियन को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. पांडियन और उनके पोर्टल के खिलाफ असिस्टेंट कमिश्नर एम सुंदरराजन ने शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांडियन और पोर्टल के एक फोटोग्राफर को पूछताछ के लिए बुलाया था. कोयंबटूर के पत्रकार संगठनों ने पांडियन की गिरफ्तारी की आलोचना की है.
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पोर्टल ने कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई में सरकारी हेल्थकेयर वर्कर्स के सामने आ रही समस्याओं के लिए सरकार की आलोचना की थी. सैम के ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित कुछ लेख में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) आउटलेट के कुछ कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए थे. पोर्टल में प्रकाशित एक खबर में कर्मचारियों पर राहत कोष में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था.