नई दिल्ली बड़ी खबर

जो भारत ने चीन सीमा पर किए हैं तैनात,रात में भी मार करता है वो टी-90 टैंक

चीन से किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए भारत ने अब गलवान घाटी में 6 टी-90 टैंक्स तैनात कर दिए हैं. ये रूस से आयात किया सबसे ताकतवर टैंक है. भारत ने महाभारत के भीष्म पितामह के नाम पर इसका नामकरण टी-90 भीष्म रखा है. भारत ने 2001 में रूस से ये टैंक खरीदे थे.

भारतीय सेना के टैंक बेड़े को ताकत देने के लिए सेना ने बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक T-90 टैंक का ऑर्डर दिया था. जिसमें करीब 124 टैंक भारत आ चुके हैं. जिससे भारतीय सेना में नई टैंक रेजिमेंट बढ़ाई गई. कुछ और टैंक की मांग हाल में रूस की यात्रा पर गए भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की. उम्मीद है कि वो जल्दी ही भारत आ जाएगे.

T-90 टैंक दुनिया की सबसे बेहतर और खतरनाक टैंक में से एक है. इस टैंक की क्षमता 5 किलोमीटर दूर तक वार करने की है. यह टैंक रात में भी वार करने में सक्षम है. वहीं T-72 टैंक की क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है. इस टैंक के इंजन की ताकत को 786 हॉर्स पावर से बढ़ाकर 1000 बॉक्स पावर किया जाएगा.
भारतीय सेना के पास टैंकों की संख्या पर गौर करें तो इस वक्त सेना के पास 1000 से अधिक T-90 टैंक, 1950 T-72 टैंक, 122 स्वदेशी एमबीटी टैंक अर्जुन और 1100 के करीब बाकी दूसरे टैंक हैं. टैंक रेजिमेंट भारत-पाक सीमा के अलावा चीन की सीमा पर भी तैनात है.भारत के पास रूसी टैंकों का एक बड़ा जखीरा है, जिसमें T-55, T-72 और T-90 टैंक शामिल हैं. हालांकि T-55 अब पुराने पड़ चुके हैं.

इसका वजन 48 टन है. यह दुनिया के हल्के टैंकों में एक है. यह दिन और रात में दुश्मन से लड़ने की क्षमता रखता है. ये भारत का प्रमुख युद्धक टैंक है. इसका आर्मर्ड प्रोटेक्‍शन शानदार है. यह जैविक और रासायनिक हथियारों से निपट सकता है.