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दिल्‍ली:- मिड-डे मील बंद, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब,बच्चों की सेहत से खिलवाड़

नई दिल्ली: कोरोना संकट (Corona virus) के बीच स्कूली बच्चों को मिड-डे-मील उपलब्ध नहीं कराने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार (AAP government) को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने जनहित याचिका के आधार पर सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. याचिका में बच्चों को मध्याह्न भोजन या खाद्य सुरक्षा भत्ता प्रदान करने संबंधी निर्देश देने की मांग की गई है. गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल काफी समय से बंद हैं.

अदालत ने सरकार को 16 जून से पहले इस संबंध में एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. NGO ‘महिला एकता मंच’ की तरफ से दायर इस याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया है कि दिल्ली सरकार को केंद्र द्वारा जारी एडवाइजरी (दिनांक 20.03.2020 और उसके बाद जारी किये पत्र) के अनुपालन के लिए निर्देश जारी किये जाएं.

एडवाइजरी में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों को यह निर्देश दिए गए थे कि वे प्रत्येक महीने की शुरुआत में पात्र छात्रों को खाद्यान्न उपलब्ध कराएं. याचिकाकर्ता का कहना है कि इस एडवाइजरी का उद्देश्य COVID-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए गरीब बच्चों की इम्युनिटी को बढ़ाना था. याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के पात्र बच्चों को मिड-डे -मील देना बंद कर दिया है.

याचिका में आगे कहा गया है कि महामारी के खतरे से निपटने के लिए मजबूत इम्युनिटी होना बेहद जरुरी है. चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी इसे बढ़ाने पर जोर दिया है. ऐसे में सरकार का गरीबों बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं कराना दुखदायी है. लिहाजा कोर्ट से आग्रह है कि केजरीवाल सरकार को व्यवस्था पुन: शुरू करने के निर्देश दिए जाएं. याचिकाकर्ता के मुताबिक, राजधानी के कई इलाकों के बच्चों और उनके अभिभावकों ने बताया है कि मिड-डे-मील मिलना बंद हो गया है. जिसके बाद हमने अदालत में जनहित याचिका दायर करने का फैसला लिया.