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दुमका – पहली बार सावन में भक्त करेंगे घर बैठे बाबा का ऑनलाइन दर्शन

बासुकीनाथ मंदिर का किया जाएगा सौंदर्यीकरण का कार्य

दुमका – पहली बार सावन में भक्‍त घर बैठे बाबा का ऑनलाइन दर्शन करेंगे। इस मामले को लेकर 5 जुलाई को उपायुक्त राजेश्वरी बी की अध्यक्षता में बासुकीनाथ स्थित प्रशासनिक भवन सभागार में बैठक हुई। इसमें जिला प्रशासन के अधिकारी और मंदिर पंडा समाज के सदस्यों ने हिस्‍सा लिया।

उपायुक्त ने बताया कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण झारखंड सरकार और हाईकोर्ट ने बाबा बासुकीनाथ मंदिर को बंद रखने का आदेश दिया है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस बार श्रावणी मेले का आयोजन बंद रखा गया है। सावन में श्रद्धालु और शिवभक्तों को बाबा का दर्शन कराने के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन ऑनलाइन व्यवस्था कर रही है। सावन माह 6 जुलाई से शुरू हो रहा है। शिवभक्त जो जहां हैं, वे वहीं से बाबा का ऑनलाइन दर्शन कर पायेंगे।

उपायुक्त ने बताया कि सावन के महीने में मंदिर और आसपास श्रद्धालुओं का प्रवेश निषेध है। सीमाओं को सील कर दिया गया है। जगह-जगह चेकपोस्ट बनाये गये हैं, ताकि किसी भी वाहन का प्रवेश जिले में नहीं हो सके। बिहार-बंगाल और अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर में घुसने नहीं दिया जायेगा। इंट्री के लिए ई-पास की आवश्यकता होगी। बासुकीनाथ मंदिर में सुबह की पूजा और श्रृंगार का वर्चुअल दर्शन भक्त कर पायेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न टीवी चैनलों, सोशल मीडिया, वेबपेज आदि पर प्रसारण की व्यवस्था कर रही है।

इस वर्ष मंदिर के सौंदर्यीकरण का भी कार्य किया जाएगा। मंदिर में आवश्यकता के अनुसार मरम्मत करायी जाएगी। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि भक्त बाबा का दर्शन हर रोज कर सकें। पूजा का समय सावन के लिए निर्धारित होगा। समय का प्रचार प्रसार टीवी चैनलों व सोशल मीडिया के माध्यम से किया जायेगा, ताकि लोग सही समय पर टीवी या सोशल साइट पर ऑनलाइन दर्शन कर सकें।

पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा ने बताया कि तालझारी, सरैयाहाट, शिकारीपाड़ा सहित मंदिर के आसपास चेकपोस्ट बनाये गये हैं। सभी जगहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल के साथ दंडाधिकारियों और पुलिस अफसरों को तैनात किया गया है। कोई भी भक्त बाबा मंदिर में प्रवेश नहीं करेगा। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे से मंदिर की निगरानी भी की जाएगी। बाबा मंदिर में किसी को प्रवेश करते देखता जाता है तो आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पंडा समाज के सदस्यों ने भी जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस जंग हम सरकार एवं जिला प्रशासन के साथ हैं। मंदिर में किसी भक्त को प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आनंद भैरो और काल भैरों मंदिर की मरम्मत करने की बात उपायुक्त के समक्ष रखी। उपायुक्त ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को जांचकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।