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नई दिल्ली- पीएम मोदी देश भर के सीएम के साथ सोमवार को करेंगे बैठक

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सरकार ने देश भर में 3 मई तक लॉकडाउन लागू कर रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन की स्थिति पर 27 अप्रैल को सुबह देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे. हालांकि, पीएम मोदी की बैठक से पहले ही राजनीतिक उठापटक भी शुरू हो गई है. कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गुरुवार को सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में केंद्र के खिलाफ अपने तेवर दिखा दिए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में सीडब्ल्यूसी की हुई बैठक में पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र से वित्तीय पैकेज की मांग करते हुए कहा कि अगर मोदी सरकार राज्यों का सहयोग नहीं करती है तो कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो जाएगी. संयुक्त रूप से वित्तीय सहायता न देने का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार पर कांग्रेस मुख्यमंत्रियों ने हमला बोला.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार राज्यों की वित्तीय मदद करने के लिए आगे नहीं आएगी तो लॉकडाउन के बाद राज्यों में हालात किस तरह सामान्य हो पाएंगे. गहलोत ने संसाधनों की कमी को लेकर केंद्र सरकार से जांच किट, पीपीई किट, वेंटिलेटर समेत अन्य संसाधन खरीदकर राज्यों को देने की अपील की.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो टेस्ट किट राज्य सरकार को दिए हैं, वह फर्जी हैं. इससे जांच के नतीजे सही नहीं आ रहे हैं.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में दो बातें उठाईं. कैप्टन ने कहा कि पंजाब को चीन से आई केवल 10 हजार रैपिड टेस्टिंग किट दी गईं. कैप्टन ने इस किट की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया और कहा कि इस किट की प्रमाणिकता साबित होनी अभी बाकी है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी भी जीएसटी के मद का 4.4 हजार करोड़ रुपया नहीं जारी नहीं किया.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि दूसरे राज्यों में फंसे छात्रों और प्रवासी मजदूरों का विषय हर राज्य के लिए चिंता की बात है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस बारे में नीति बनानी चाहिए लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह इस मुद्दे पर चुप है. पुडुचेरी के सीएम वी. नारायणसामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों को कोई सहायता नहीं दी है. हम दुश्मन नहीं हैं और हमें मिलकर काम करना चाहिए. नारायणसामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी के 600 करोड़ और वित्त आयोग से मिलने वाले 2200 करोड़ रुपये भी अभी तक नहीं दिए हैं.

सोनिया गांधी के साथ बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के प्रयासों को नाकाफी बताते हुए जिस तरह से तेवर दिखाएं हैं. इससे माना जा रहा है कि सोमवार को भी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अपने इस रुख को और मुखरता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पेश कर सकते हैं. ऐसे में कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के रुख को देखकर गैर बीजेपी सीएम भी अपने तल्ख तेवर दिखा सकते हैं.

दरअसल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में कोरोना को लेकर बिना विश्वास में लिए भेजी गई केंद्रीय टीम के मामले से लगातार खफा हैं. टीएमसी और बीजेपी एक दूसरे पर लगातार आरोप लगा रही हैं. ऐसे में टीएमसी की मोदी सरकार से जीएसटी का बकाया के भुगतान और केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई टेस्ट किट को लेकर भी शिकायत है. इन दोनों मुद्दों को वह पीएम की बैठक में उठा सकती हैं.

वहीं, महाराष्ट्र पालघर के मसले पर सियासत गरमाई हुई है. ऐसे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी केंद्र पर तंज की तैयारी में हैं. प्रवासी मजदूरों को वापस उनके गृहराज्य भेजने की मांग और रेल सेवा खोलने की बात वे लगातार उठा रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि उद्धव गरीबों, मजदूरों, प्रवासी कामगारों के साथ-साथ इस मुद्दे को भी प्रधानमंत्री के सामने रख सकते हैं.

ऐसे में सोमवार यानी 27 अप्रैल को होने वाली पीएम-सीएम वार्ता में गैरबीजेपी राज्यों की ओर से इन सभी मुद्दों की तीखी धार देखने को मिल सकती है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस बैठक में मुख्यमंत्रियों से उनके संबंधित राज्यों में हुए असर पर उनका फीडबैक लेंगे और राज्य में सामान्य कामकाज शुरू करने पर रायशुमारी होगी. इसी के बाद लॉकडाउन को बढ़ाने और न बढ़ाने के फैसला किया जाएगा.