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नई दिल्ली – फर्जी मास्क और नकली पीपीई किट के मामले पर चीन बुरी तरह फंसता नजर आ रहा

नई दिल्ली। चीन को लेकर अमेरिकी तेवरों कोई नरमी नहीं आ रही है। कोरोना वायरस की जानकारी छिपाने को लेकर हमलावर अमेरिका ने चीन के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। चीन कोरोना वायरस को लेकर भले ही दुनिया को चक्कर डालता रहे लेकिन अमेरिका ने अब जो कार्रवाई की है उससे बचना चीन के लिए बचना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। अमेरिका ने इस चीन के फर्जी एन95 मास्क को लेकर मुकदमा दायर कर हरजाना मांगा है।

फर्जी मास्क और नकली पीपीई किट के मामले पर चीन बुरी तरह फंसता नजर आ रहा है। क्यों कि फर्जी मास्क और नकली पीपीई किट का आरोप केवल अमेरिका ने ही नहीं लगाया बल्कि इटली-स्पेन से लेकर भारत और पाकिस्तान ने भी नकली पीपीई किट और फर्जी मास्क की शिकायत की है।

न्यूयॉर्क की एक अदालत में किये गये मुकदमे में इस मामले की जांच करने वाले एफबीआई के अफसर डगलस कोरनेस्की ने कहा है कि गुआंगदोंग स्थित चाईनीज फर्म ने फर्जी मास्क और नकली पीपीई किट भेजते समय यह दावा किया था उन्होंने मास्क की सप्लाई से पहले अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ऑक्युपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ से एनओसी ले लिया है। जबकि एनओसी लिया ही नहीं गया था।
अमेरिका ने यह भी कहा है कि कोरोना जैसे संकट काल में चीन की ओर से की जारही लगातार लापरवाहियों से साबित होता है कि वो न केवल अमेरिकी बल्कि दुनिया के खिलाफ गंभीर साजिश कर रहा है। अदालत में चार ऐसे बिंदु उठाए हैं जिनका चीन के पास कोई जवाब नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि चीन को कम से कम 20 लाख अमेरिकी डॉलर का हर्जाना देना पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि अमेरिका का पक्ष काफी मजबूत है, उसके पास गवाह और सुबूत दोनों ही हैं , जबकि चीन के पास अपने बचाव में कहने को कुछ भी नहीं है।