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नई दिल्ली- भारतीय उद्योग परिसंघ की 125वीं सालगिरह,पीएम मोदी ने किया उद्योग जगत को संबोधित…

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की 125वीं सालगिरह पर पीएम नरेंद्र मोदी उद्योग जगत को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने उद्योग जगत से कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लें. इस संकल्प को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दें.

‘सरकार आपके साथ खड़ी है’

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सरकार आपके साथ खड़ी है, आप देश के लक्ष्यों के साथ खड़े हो जाइए. हम प्राइवेट सेक्टर को देश की विकास यात्रा का पार्टनर मानते हैं. पीएम ने भरोसा दिलाया कि आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ी आपकी हर आवश्यकता का ध्यान रखा जाएगा. आपसे, सभी स्टेकहोल्डर्स से मैं लगातार संवाद करता हूं और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा.

उद्योग जगत को दी सलाह

पीएम ने उद्योग जगत को सलाह दी कि ग्रामीण इकोनॉमी में निवेश और किसानों के साथ पार्टनरशिप का रास्ता खुलने का भी पूरा लाभ उठाएं. उन्‍होंने कहा कि अब तो गांव के पास ही लोकल एग्रो प्रोडक्ट्स के क्लस्टर्स के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. इसमें CII के तमाम मेंबर्स के लिए बहुत अवसर हैं.

‘ऐसे प्रोडक्‍ट बनें जो मेड इन इंडिया हों’
पीएम मोदी ने कहा कि अब जरूरत है, देश में ऐसे प्रोडक्‍ट बनें जो मेड इन इंडिया हों, मेड फॉर द वर्ल्‍ड हों. उन्‍होंने कहा कि कैसे हम देश का आयात कम से कम करें, इसे लेकर क्या नए लक्ष्य तय किए जा सकते हैं? हमें तमाम सेक्टर्स में प्रोडक्‍टिविटी बढ़ाने के लिए अपने लक्ष्‍य तय करने ही होंगे.

5 चीजें हैं बहुत जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को फिर से तेज विकास के पथ पर लाने के लिए, आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए 5 चीजें बहुत जरूरी हैं. ये 5 चीजें हैं- इरादा, समावेश, निवेश, आधारभूत संरचना और नवाचार.

‘रिफॉर्म अचानक लिया गया फैसला नहीं’

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लिए रिफॉर्म कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है. इसको लेकर तमाम प्‍लानिंग और तैयारियां हुई हैं. हमारे लिए रिफॉर्म का मतलब है फैसले लेने का साहस करना, और उन्हें तार्किक निष्कर्ष तक ले जाना. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार आज ऐसे पॉलिसी रिफॉर्म भी कर रही है जिनकी देश ने उम्मीद भी छोड़ दी थी.

भारतीय उद्योग परिसंघ की सालगिरह पर पीएम मोदी ने कहा कि ये भी इंसान की सबसे बड़ी ताकत होती है कि वो हर मुश्किल से बाहर निकलने का रास्ता बना ही लेता है. आज भी हमें जहां एक तरफ इस वायरस से लड़ने के लिए सख्त कदम उठाने हैं वहीं दूसरी तरफ इकोनॉमी का भी ध्यान रखना है.