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प्रयागराज- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षण संस्थाओं में व्यवसायिक गतिविधियों पर लगाई रोक

हाईकोर्ट ने प्रदेश के स्कूल, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थाओं में व्यवसायिक गतिविधियों संचालन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि शिक्षण संस्थानों के भवन व मैदान के व्यवसायिक या शादी, पार्टी आदि समारोहों के लिए इस्तेमाल न किया जाए। कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कालेज परिसर का व्यावसायिक इस्तेमाल न होने दे। तथा ऐसा करने वाले प्रबंधकों से स्पष्टीकरण लेकर उन पर कार्रवाई करें।
कोर्ट ने कहा है कि शिक्षण संस्थानों का इस्तेमाल केवल शैक्षणिक और खेलकूद के कार्यक्त्रस्मों के लिए ही किया जा सकता है। व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती । कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव शिक्षा को सभी जिलाधिकारियों को इस आशय का निर्देश जारी करने के लिए भी कहा है। राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 31मार्च को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने क्षेत्रीय स्थानीय सभा जौनपुर के सदस्य दीपेन्द्र विक्त्रस्म सिंह की याचिका पर दिया है। याची की कहना है कि टीडी कालेज जौनपुर के परिसर का प्रबंधन द्वारा व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 2018 में ही शिकायत की गई है। किंतु कालेज के व्यावसायिक उपयोग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई । इससे कालेजों का शैक्षिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
कोर्ट ने कहा कि ऐसा देखा जा रहा है कि कालेजों का व्यवसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। जब कि कालेज का इस्तेमाल शिक्षा एवं खेलकूद के लिए ही होना चाहिए। राज्य सरकार ने 29 सितंबर 2012 के शासनादेश से मान्यता प्राप्त एवं वित्तीय सहायता प्राप्त कालेजों में विवाह समारोह व कोचिंग चलाने पर रोक लगा दी है।।कोर्ट ने मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव शिक्षा को सकुर्लर जारी कर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को शासनादेश का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।