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बहराइच-कैसे होंगी गन्ना किसानों के खेतों में लगे गन्नों की पेराई ,चीनी मिल का संचालन हो रहा है आज से बंद

नानपारा चीनीमिल का संचालन रविवार शाम से बंद हो जाएगा…..

बहराइच। नानपारा स्थित श्रावस्ती सहकारी चीनीमिल का संचालन रविवार शाम से बंद हो जाएगा। इसके लिए चीनी मिल प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। वहीं मिहींपुरवा व बलहा क्षेत्र में अभी काफी मात्रा में गन्ना खेतों में लगा है। ऐसे में किसान काफी परेशान हैं। किसान गन्ने की पेराई हो, इसके लिए स्वयं गन्ने की छिलाई करने में लगे हैं। मिल प्रशासन भी किसानों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।

जिले में गन्ना पेराई के लिए चार चीनी मिलों का संचालन होता है। इनमें नानपारा में स्थित श्रावस्ती सहकारी चीनी मिल में नानपारा व मोतीपुर तहसील के गन्ना किसान अपनी उपज लेकर आते हैं। चीनी मिल का संचालन अक्तूबर में हुआ था। गन्ना पेराई का काम चल रहा है, लेकिन कोरोना महामारी को लेकर सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। ऐसे में किसानों को मजदूर नहीं मिल रहे हैं।
इसके साथ ही तौल केंद्र से गन्ना मिल तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसानों के खेत में ही गन्ना लगा है। वहीं नानपारा चीनी मिल प्रशासन ने 26 अप्रैल को मिल संचालन बंद करने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। ऐसे में जिन किसानों के खेतों में गन्ना लगा है, उनकी चिंता बढ़ गई है। नानपारा तहसील के रामपुर धोबियाहार निवासी लालाराम का कहना है कि खेत में गन्ना लगा हुआ है।
मिल प्रशासन की ओर से दो दिन पूर्व गन्ना पर्ची मिली है। मजदूर नहीं मिलने से गन्ने की छिलाई नहीं हो सकी है। ऐसे में गन्ना मिल तक कैसे पहुंचाएं। मोतीपुर तहसील के गंगापुर निवासी गन्ना किसान श्याम नरायन, दिनेश कुमार, अरविंद मौैर्या, सरोज कुमार, जगतनरायन, सुरेंद्र मास्टर, धर्मेंद्र कुमार आदि का कहना है कि खेतों में पांच बीघा से लेकर 15 बीघा तक गन्ना लगा हुआ है।
मिल प्रशासन की ओर गन्ना पर्ची ही देर से दी गई हैै तो गन्ना समय से कांटे पर कैसे पहुंचे। इसके साथ ही लॉकडाउन के चलते मजदूर भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में काफी परेशानी होती है। किसानों का कहना है कि मिल संचालन बंद हुआ तो वह सभी बर्बाद हो जाएंगे। गन्ना खेतों में ही सूख जाएगी।
चीनीमिल प्रबंधक प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि मिल संचालन बंद करने के लिए 26 तारीख का नोटिस जारी किया गया है, लेकिन किसान परेशान न हों। किसानों के खेत में लगे गन्ने की मिल में पेराई की जाएगी। किसान समय से गन्ना कटवाकर कांटे तक पहुंचाएं। जिससे इनका गन्ना मिल तक आसानी से पहुंच सके। किसानों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।