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बहराइच-जनपद में धारा 144 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा लागू 26 मई 2020 तक प्रभावी रहेगी धारा-144

*रिपोर्ट रमेश कुमार विश्वकर्मा/महिमा विश्वकर्मा*
बहराइच 20 मार्च। आगामी समय में राम नवमी, महावीर जयन्ती, गुड-फ्राइडे, डाॅ. भीम राव अम्बेडकर जयन्ती, बुद्ध पूर्णिमा तथा ईदुलफितर आदि त्यौहारों तथा कोविड-19 को विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा महामारी घोषित किये जाने के सन्दर्भ में उत्पन्न स्थिति के परिपे्रक्ष्य में एपिडेमिक डिजीज़ एक्ट 1897 की धारा-(2)(3)(4) एवं उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा अनुभाग-5 द्वारा निर्गत अधिसूचना संख्या 548/पाॅच-5-2020 दिनांक 14 मार्च 2020 द्वारा जारी विस्तृत निर्देशों के क्रम में जनपद बहराइच के समस्त सीमा क्षेत्र में विधि व्यवस्था एवं लोक परिशान्ति सहित लोक व्यवस्था व जनसुरक्षा कायम रखने के उद्देश्य से अपर जिला मजिस्टेªट जयचन्द्र पाण्डेय द्वारा दं.प्र.संहिता, 1973 की धारा-144 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है।
अपर जिला मजिस्टेªट द्वारा जारी आदेश के समस्त 07 प्रस्तर 26 मई 2020 तक जनपद बहराइच के सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र में निवास करने वाले तथा जनपद की सीमा में प्रवेश करने वाले समस्त व्यक्तियों पर प्रभावी रहेगा। इन आदेशों का अथवा इनके किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।
अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद बहराइच की सीमा क्षेत्र में किसी भी स्थल पर पाॅच या पाॅच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे, जनपद बहराइच के समस्त सिनेमाहाल, माल, क्लब्स, तरणताल, व्यायामशाला के मालिक/संचालक/प्रबन्धक अपने प्रतिष्ठानों को 14 अप्रैल 2020 तक नहीं खोलेंगे। कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस को लेकर या अन्य किसी प्रकार की मौखिक अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह नहीं फैलायेगा, न ही कोई ऐसा वक्तव्य, पर्चा, हैण्डबिल अथवा पम्पलेट वितरित करेगा और न ही इलेक्ट्रानिक संसाधनों से ऐसा कोई सन्देश प्रसारित करेगा जिससे लोगों में कोई भय उत्पन्न होता हो।
कोई भी व्यक्ति ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करेगा जिससे जनसाधारण अथवा किसी वर्ग विशेष या समुदाय की भावना आहत हो और उनमें उत्तेजना फैलती हो, जनपद में कोई भी सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक, धार्मिक, शैक्षणिक, खेल गोष्ठी, सम्मेलन सभा/रैली, धरना, प्रदर्शन, साप्ताहिक बाज़ारों तथा अन्य प्रदर्शनियों का आयोजन नहीं होगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली भाषा का प्रयोग न तो स्वयं किया जायेगा और न ही किसी माध्यम से प्रसारित किया जायेगा साथ ही कोई आपत्तिजनक कथन, सामग्री, फेसबुक/वहाट्सअप पर पोस्ट किया जायेगा। कोई भी व्यक्ति अपने भवन में या छत पर अथवा अन्य किसी स्थान पर बिना किसी प्रयोजन के कंकड़, पत्थर, ईंट के टुकड़े, शीशे/काॅच की सामग्री, विस्फोटक सामग्री अथवा कोई ऐसी वस्तु का संग्रह नहीं करेगा जिसका कुत्सित प्रयोग लोक व्यवस्था/शान्ति व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए हो सकता है।