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यूपी- 72 घंटे बाद ही उतरा प्यार का बुखार थाने पहुंचा पति-पत्नी का विवाद

उत्तर प्रदेश की ताजनगरी में एक और मोहब्बत परवान चढ़ने के बाद उसका अंजाम अच्छा नहीं हुआ है। शादी के मात्र 72 घंटे के भीतर ही पति-पत्नी के बीच का मामला थाने जा पहुंचा। थाने पहुंची दुल्हन का आरोप है कि ससुरालीजन उसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। साथ ही और भी शिकायत की गई हैं।

इंस्टेंट मोहब्ब्त के दौर में आए दिन लव मैरिज के मामले कोर्ट कचहरी पहुंचते देखे जा रहे हैं तो अरेंज मैरिज भी चंद दिनों में टूटते देखी जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मी हतप्रभ रह गए। जयपुर हाउस की उच्च शिक्षित युवती ने पुलिस से ससुरालीजनों के खिलाफ शिकायत की है। मामले के अनुसार पति-पत्नी दोनों जॉब करते हैं। इस दौरान उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। दोनों ने तीन महीने पहले परिजनों की बिना जानकारी के शादी कर ली।

विवाहिता का आरोप है कि जब लड़के ने परिजनों को बताया तो उन्होंने उसको स्वीकार नहीं किया। जबकि उसके परिजनों ने दोनों की शादी को स्वीकार कर लिया है। तीन दिन पहले युवती के घरवालों ने दोनों की शादी को स्वीकार करते हुए रिश्तेदारों के सामने बेटी को विदा भी किया। तीन दिन पहले युवक अपनी पत्नी को लेकर घर पहुंचा। विवाहिता का कहना है कि उसे बहू का दर्जा नहीं दिया गया। परिवार में कोई उससे बात नहीं कर रहा है। वहीं, उसके पति का कहना है कि ऐसा नहीं है। सभी ने उसको स्वीकार किया है। वह एमबीए है उसे बीटेक लड़का नहीं चाहिए। उसे घर का माहौल पसंद नहीं आ रहा है। पति-पत्नी में ही कहासुनी हुई है। घरवालों का कोई हस्तक्षेप नहीं है।

बढ़ रहे मामले

महिला थाना एसओ अलका सिंह ने कहा कि ऐसी शिकायत आयी थी। पति-पत्नी को घर भेजा है। दोनों के परिजनों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया है। दोनों परिवारों के लोगों की काउंसिलिंग की जाएगी। फिलहाल विवाहिता पति के साथ गयी है। यह पहला मामला नहीं है। ऐसे मामले आते रहते हैं। काउंसिलिंग के बाद ज्यादातर में समझौते हो जाते हैं।

मानसिक आरोग्यशाला की अधीक्षक डॉ.दिनेश राठौर ने कहा कि लव मैरिज में ज्यादातर ऐसे मामले सामने आते हैं। हकीकत में कुछ परिवर्तन होता है तो परेशानी होती है। अरेंज मैरिज में भी परेशानी होती है। पर सामाजिकता के चलते मामले संभल जाते हैं। पति-पत्नी में दरार का कारण मिस कम्युनिकेशन और स्वतंत्रता भी है। दंपति की सोच एकल परिवार की होने लगी है। काउंसिलिंग में ऐसे कई मामले आते रहते हैं।