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वाराणसी के सोपोर आतंकी हमले में बच्चे को बचाने वाले CRPF के जवान,पत्नी बोलीं- आप पर गर्व है

वाराणसी. जम्‍मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के सोपोर में बुधवार को आतंकी हमले (Terror Attack) के दौरान एक बच्चे को बचाने वाले सीआरपीएफ (CRPF) के जवान पवन कुमार चौबे वाराणसी जिले के गोल धमकवा गांव के रहने वाले हैं. पूरे बनारस के साथ देशभर में पवन कुमार चौबे की बहादुरी और मानवता की प्रशंसा हो रही है.

दरअसल, जम्‍मू-कश्मीर के सोपोर जिले में एक मस्जिद से फायरिंग शुरू हो गई थी. आतंकियों की गोली लगने से कार सवार एक बुजुर्ग नीचे सड़क पर गिर पड़े थे. उनका पोता अपने दादा के ऊपर बैठ कर रोए जा रहा था. बच्चे की लगातार रोने की आवाज पवन को झकझोर रही थी, जबकि वह आतंकियों से मोर्चा लिए हुए थे. बच्चे को गोली न लग जाए, इसलिए पवन लगभग 80 मीटर दूरी तय करते हुए उसके पास पहुंचे. उसे गोद में उठाकर धीरे-धीरे सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ गए.

बच्चा को सुरक्षित कर फिर संभाला मोर्चा
इसके बाद पवन ने एसओजी की टीम को बच्चा सौंपते हुए एक बार फिर से आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया. पवन के इस बहादुरी के चर्चे उनके गांव तक पहुंच गए हैं. पूरे बनारस में इस वक्त पवन कुमार चौबे की इस बहादुरी की चर्चा हो रही है. सुबह से ही उनके घर लोगों का आना-जाना लगा हुआ है. लोग पवन चौबे के परिवार को शुभकामनाएं दे रहे हैं. वहीं, अपने गांव के बेटे के ऊपर गर्व भी कर रहे हैं.

इसके बाद पवन ने एसओजी की टीम को बच्चा सौंपते हुए एक बार फिर से आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया. पवन के इस बहादुरी के चर्चे उनके गांव तक पहुंच गए हैं. पूरे बनारस में इस वक्त पवन कुमार चौबे की इस बहादुरी की चर्चा हो रही है. सुबह से ही उनके घर लोगों का आना-जाना लगा हुआ है. लोग पवन चौबे के परिवार को शुभकामनाएं दे रहे हैं. वहीं, अपने गांव के बेटे के ऊपर गर्व भी कर रहे हैं.

पवन की पत्नी शुभांगी चौबे ने बताया, ‘प्रत्येक दिन की तरह इनका फोन बुधवार सुबह नहीं आया तो मेरा मन घबराने लगा. ऐसे में मैंने उन्हें फोन करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं मिला. इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे उन्होंने मुझे कॉल किया और सारी घटना मुझे बताई. उन्होंने बताया कि किस तरीके से उस बच्चे को बचाया. यह सुनने के बाद मुझे काफी गर्व महसूस हुआ. मैंने उनसे कहा कि आपने बहुत बढ़िया काम किया है. बच्चा किसी का भी हो अपना ही होता है. मुझे उन पर गर्व है.’

दरअसल पवन चौबे का परिवार वाराणसी के चौबेपुर के गोल धमकवा में रहता है. पवन के परिवार में माता-पिता, भाई भाभी और पत्नी रहती है. पवन की शादी 2012 में शादी हुई थी और शादी के एक साल के बाद उन्हें एक बेटा हुआ पवन को एक बेटा और एक बेटी है. पवन इसके पहले छतीसगढ़ में नक्सलियों से भी लोहा ले चुके हैं.