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वाराणसी- BSA ने दिया नोटिस,अब वाराणसी में शक के घेरे में कस्तूरबा विद्यालय की 13 ‘अनामिकाएं’,

वाराणसी- अनामिका शुक्ला कांड (Anamika Shukla Case) के बाद वाराणसी (Varanasi) के भी सभी छह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों (KGBV) में नियुक्त शिक्षिकाओं के डाक्यूमेंट्स जांचे जा रहे हैं. इसी कड़ी में 13 शिक्षिकाओं की नियुक्ति भी शक के घेरे में आ गई है. जिसके बाद वाराणसी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने नोटिस भेजकर तीन दिन के अंदर सभी टीचर्स से जवाब मांगा है. शक के घेरे में आई इन 13 शिक्षिकाओं पर उस वक्त सवाल उठा, जब चयन प्रक्रिया की जांच कर रही समिति ने इनके कागज चेक किए. एक कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डेन भी शक के घेरे में है. दरअसल, ये पद एससी के लिए आरक्षित था जबकि नियुक्ति ओबीसी की हो गई. इसी विदयालय के तीन अन्य कर्मचारियों के भी शैक्षिक अभिलेख संदिग्ध हैं. वहीं एक कस्तूरबा गांधी विद्यालय के तीन कर्मचारियों की नियुक्ति मेरिट के खिलाफ हुई है.

चोलापुर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय की एक शिक्षिका पर शक तब हुआ, जब उनके कागज के मुताबिक, पहले वो प्राइवेट पढ़ाई कर रहीं थी, बाद में रेगुलर हो गईं. कुछ कर्मचारी ने जांच समिति को अपने कागज नहीं दिखाए. महिला समाख्या नाम की एक संस्था जो कि सेवापुरी के कस्तूरबा गांधी विदयालय का संचालन देखती है, उसे भी नोटिस देकर कर्मचारियों के कागज सौंपने को कहा गया है.
इसके अलावा जिले में ऐसे छह शिक्षक भी शक के घेरे में आ गए हें, जिनके एक पैन कार्ड नंबर पर छह अन्य शिक्षक नौकरी कर रहे हैं. इसकी जानकारी शासन स्तर पर लगी. जांच में सामने आया कि इन छह शिक्षकों की जन्म तिथि, पैन और खाता नंबर अन्य जिलों मं भी हुबहू मिले हैं. इस प्रकरण के लिए भी कमेटी गठित हो गई है और छह में चार शिक्षक अपना जवाब देने पहुंचे. चारों ने बताया कि जिन जिलों से उनके पैन कार्ड, आधार कार्ड नंबर मिले हैं, वहां न तो वो कभी गए हैं और न ही वहां से उनका कोई नाता है. बता दें कि यूपी में एक ही पैन पर नौकरी कर रहे 192 शिक्षकों के कागजातों की जांच चल रही है.