Breaking News नई दिल्ली बड़ी खबर

साल 2020 का पहला सुपरमून फरवरी में दिखाई दिया था,दुनिया के कई हिस्सों में दिखा 2020 का आखिरी फुल सुपरमून

दुनिया के कई हिस्सों में गुरुवार शाम वर्ष 2020 का अंतिम सुपरमून देखा गया. इस दौरान चांद बड़े आकार में और पूरी तरह चमकदार दिखाई दिया. इस सुपरमून को सुपर फ्लावर मून (Super Flower Moon) और कॉर्न प्लांटिंग मून के नाम से भी जाना जाता है. इसे फुल मिल्क मून भी कहा जाता है.

हालांकि, भारत में सुपरमून का दीदार नहीं हो पाया. यहां दिन होने और सूर्य की किरणों के चलते यह नजारा देखने को नहीं मिला, लेकिन इस खगोलीय घटना के नजारे को इंटरनेट पर देखा गया. इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी के बेहद करीब आ जाता है.

दरअसल, पृथ्वी और चंद्रमा के बीच औसतन दूरी 384,400 किमी होती है, लेकिन सुपरमून के दौरान यह दूरी करीब 23,000 किमी कम हो जाती है. इसके चलते चांद और पृथ्वी के बीच का फासला करीब 361,184 किलोमीटर रह जाती है.

लव राशिफल 07 मई 2020: प्यार, तकरार या रिश्तों में दरार, जानें अपनी राशि का हाल

चांद के पृथ्वी के नजदीक आने के कारण बाकी दिनों के मुकाबले चांद 14 फीसदी बड़ा और 30 प्रतिशत फीसदी ज्यादा चमकदार दिखाई देता है. इससे पहले 2020 का पहला सुपरमून फरवरी में दिखाई दिया था, उसके बाद 9 मार्च औैर 11 मार्च के बीच दिखा था. भारत में यह पूर्णिमा वेसाक से जुड़ा हुआ, जिसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन पूरे एशिया में बौद्ध धर्म के लोग छुट्टी मनाते हैं.

चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है और वो पृथ्वी का चक्कर लगाता है. चक्कर लगाने के दौरान साल में एक बार चंद्रमा पृथ्वी के काफी करीब आ जाता है. सबसे नजदीक होने के कारण चांद का आकार सामान्य दिनों के मुकाबले बड़ा और ज्यादा चमकदार दिखाई देता है. इसको ही सुपरमून कहा जाता है.