नई दिल्ली से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। एस. जयशंकर ने बताया कि ईरान में फंसे 312 भारतीय मछुआरों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। इन मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते निकाला गया। जयशंकर ने इस मदद के लिए आर्मेनिया सरकार और अपने समकक्ष अरारात मिर्ज़ोयान का धन्यवाद किया। इससे पहले भी भारत सरकार ने लगातार प्रयास करके ईरान से अपने नागरिकों को निकालने का काम जारी रखा है। जानकारी के मुताबिक, अब तक 1200 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 996 लोगों को आर्मेनिया और 204 लोगों को अज़रबैजान के जरिए बाहर निकाला गया। इनमें बड़ी संख्या छात्रों की भी है। पीयूष गोयल ने इस वापसी को “खुशी का दिन” बताया। उन्होंने कहा कि यह मछुआरे लंबे और मुश्किल सफर के बाद अपने घर लौटे हैं, जिसमें उन्हें करीब 20 घंटे की यात्रा करनी पड़ी। विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारियों ने इस पूरे ऑपरेशन में दिन-रात काम किया और जमीनी स्तर पर समन्वय बनाकर यह मिशन सफल बनाया।
क्यों जरूरी था यह रेस्क्यू?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण भारतीय नागरिकों की सुरक्षा खतरे में थी। ऐसे में भारत सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई। यह ऑपरेशन भारत की मजबूत कूटनीति और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है। इससे यह साबित हुआ कि संकट के समय भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
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