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सेंट्रल विस्टा के तहत कितना बदल जाएगा पीएम हाउस..

सेंट्रल विस्टा के तहत कितना बदल जाएगा पीएम हाउस..

भारत के प्रधानमंत्री का वर्तमान पता लोक कल्याण मार्ग है, जहां मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निवासी हैं. प्रधानमंत्री के करीब चार दशक पुराने इस घर की तस्वीर जल्द ही बदलने वाली है क्योंकि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट  से हरी झंडी मिल चुकी है. इस प्रोजेक्ट  के तहत राष्‍ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच 3 किमी के दायरे में नए सिरे से निर्माण कार्य होगा. नया संसद भवन  और नया प्रधानमंत्री आवास भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है.

पर्यावरण संबंधी चिंताओं को लेकर इस निर्माण पर जो आपत्तियां थीं, उनके मामले में सुप्रीम कोर्ट से मंज़ूरी हाल में मिल गई है. अब 2024 से पहले इस प्रोजेक्ट के पूरे होने की उम्मीद जताई जा रही है. आइए देखें कि पीएम के मौजूदा निवास से पते के अलावा नये पीएम हाउस में और क्या-क्या अलग होगा.

कैसा होगा नया पीएम हाउस?

नये पीएम आवासीय कॉम्प्लेक्स में चार मंज़िल की 10 बिल्डिंगें होंगी, जिनमें से हरेक की ऊंचाई ज़्यादा से ज़्यादा 12 मीटर होगी. सरकार से मंज़ूर हुए प्रस्ताव के मुताबिक इस कॉम्प्लेक्स को 15 एकड़ के क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन और फ्लोर वाले 10 भवनों का निर्माण होगा.

पीएम के नए आवास के लिए 30,351 वर्गमीटर में ग्राउंड कवरेज होगा जबकि स्पेशन प्रोटेक्शन ग्रुप के लिए एक भवन अलग से बनाया जाएगा, जो कि 2.50 एकड़ के प्लॉट पर बनेगा. गौरतलब है कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्‍ट की कार्यकारी संस्‍था केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने प्रस्‍तावित बजट को 11,794 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 13,450 करोड़ रुपये कर दिया है.

अस्ल में, पीएम हाउस और दफ्तर के कायाकल्प का यह प्रोजेक्ट जिस सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है, उसका मकसद पहले से बड़े परिसर का निर्माण करना है. इसके अलावा, पुराने डिज़ाइन की जगह स्वदेशी, आत्मनिर्भर विचार की छाप बनाना, भूकंप से सुरक्षित करना और संसदीय गतिविधियों और गणमान्यों के लिए एक क्षेत्र में सुविधाओं के साथ पूरा निर्माण करना है.

फिलहाल केंद्रीय सरकार के विभिन्न दफ्तर और बंगले इधर उधर होने से एक तो अनावश्यक आवागमन होता है और समय भी ज़्यादा खर्च होता है. दूसरे यहां के ज़्यादातर निर्माणों की संरचनागत लाइफ पूरी हो चुकी है. इन तमाम कारणों से पुराने भवनों को ढहाकर नया निर्माण किया जाना है. आइए अब आपको बताते हैं कि मौजूदा पीएम हाउस कैसा है, जो अब कुछ ही दिनों का मेहमान है.

 

मौजूदा पीएम हाउस की खास बातें

यह 12 एकड़ के दायरे में फैला हुआ है, जिसमें 9 बंगले हैं. यहां बंगला नंबर 1, 3, 5, 7 और 9 में पीएम का आवास, दफ्तर और सुरक्षा व्यवस्था है. पीएम के निजी आवास के लिए बंगला नंबर 5 सुरक्षित है, लेकिन 7 नंबर को भी इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, बंगला नंबर 1 में हैलीपैड की सुविधा है. वैसे बंगला नंबर 11 तक यह पूरा मार्ग वर्तमान पीएम हाउस कॉम्प्लेक्स का हिस्सा माना जाता है.

पीएम मोदी बंगला नंबर 5 को निजी आवास के तौर पर उपयोग में लाते हैं, जहां पहले अटलबिहारी वाजपेयी और राजीव गांधी का भी निवास रह चुका है. हालांकि पहले डॉ. मनमोहन सिंह बंगला नंबर 3 निजी आवास के तौर पर रखते थे, जिसे अब गेस्ट रूम के तौर पर तैयार करवाया गया है.

वर्तमान पीएम हाउस कॉम्प्लेक्स में औपचारिक दफ्तर की सुविधा नहीं है, लेकिन अनौपचारिक मुलाकातों के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल ज़रूर है. इस कॉम्प्लेक्स में वाजपेयी के समय में बनवाया गया पंचवटी भवन महत्वपूर्ण है, जिसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, कैबिनेट बैठक, 340 लोगों की मौजूदगी वाले किसी समागम या फिर थिएटर गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जाता है.

उप राष्ट्रपति आवास भी

अब आप समझ सकते हैं कि नया पीएम हाउस कॉम्प्लेक्स पहले से कितना बड़ा, भव्य और एकीकृत या सुव्यवस्थित होने जा रहा है. यह भी गौरतलब है कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में नए पीएमओ को लेकर कहा जा चुका है कि यह भी प्रोजेक्ट का हिस्सा होगा. यही नहीं, इस प्रोजेक्ट में पीएम और राष्ट्रपति आवासों के साथ ही उप राष्ट्रपति के लिए भी नये आवास की योजना तैयार की गई है.

वीपी एन्क्लेव का निर्माण 15 एकड़ में किया जाएगा और 15 मीटर ऊंची पांच मंज़िल की इमारतें यहां होंगी. सीपीडब्ल्यूडी ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि वीपी एन्क्लेव में 32 भवन हो सकते हैं.