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पटाखों की बिक्री और भंडारण के लिए कोई अस्थाई लाइसेंस नहीं होगा जारी: दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बुधवार को कहा कि वह इस त्योहारी मौसम में पटाखों (Firecrackers) के भंडारण और बिक्री के लिए कोई अस्थायी लाइसेंस (Temporary License) जारी नहीं करेगी. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने 28 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी, 2022 तक सभी तरह के पटाखों की बिक्री और फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस का ये आदेश सामने आया है. यह आदेश शहर में कोविड-19 के मामलों और गंभीर वायु गुणवत्ता सूचकांक स्तर में वृद्धि की आशंका को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है, जोकि दिल्ली के नागरिकों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है.

पुलिस उपायुक्त (लाइसेंसिंग यूनिट) गुरइकबाल सिंह सिंधु ने कहा, ’’डीपीसीसी के आदेश का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करने के मद्देनजर दिल्ली पुलिस इस त्योहारी सीजन में पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए कोई अस्थायी लाइसेंस जारी नहीं कर रही है.’’ उन्होंने कहा, ’’पटाखों के स्थायी लाइसेंस पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं और लाइसेंस धारकों को सलाह दी गई है कि वे एक जनवरी, 2022 तक किसी भी तरह के पटाखों की बिक्री नहीं करें.’’

पराली से भी दिल्‍ली में प्रदूषण का स्‍तर बढ़ जाता है
बता दें कि बीते महीने 16 सितंबर को दिल्‍ली में प्रदूषण को देखते हुए दिल्‍ली सरकार (Delhi government) ने इस वर्ष भी दिवाली पर पटाखों की बिक्री, इस्‍तेमाल और स्‍टोर करने पर रोक लगा दी थी. सरकार का कहना था कि यह फैसला लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए लिया गया है. वहीं दूसरी और पटाखा व्‍यापारियों में गुस्‍सा है. उनका कहना था कि इसके लिए एडवांस पहले दिसंबर जनवरी में दे देते हैं और त्‍यौहार में कमाई कर पूरे साल घर का खर्च चलाते हैं. अगर बंद करना है तो पटाखों का प्रोडक्‍शन बंद करना चाहिए. हालांकि, आसपास के राज्‍यों से जलने वाली पराली से भी दिल्‍ली में प्रदूषण का स्‍तर बढ़ जाता है.