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अयोध्या यूपी – नगर निगम बनने के बाद अयोध्या नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी हुए निरंकुश

अयोध्या यूपी – नगर निगम बनने के बाद अयोध्या नगर निगम के अधिकारीकर्मचारी इतने निरंकुश हो चुके हैं कि वे अयोध्या वासियों की गंभीर समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे है। अयोध्या नगरी की सड़कों के कुछ नमूने नयाघाट क्षेत्र के यहां हम दे रहे हैं । लगभग 4 महीने से इन सड़को की दुर्दशा है । लोग इन सड़कों पर कैसे चलें ?यहां जमा कूड़ा- करकट कैसे सफाई कर्मी उठाएं?सड़क बनाने वाले ठेकेदारों को नियत समय में सड़क बनाकर कंप्लीट कर देना चाहिए लेकिन कमीशन देने वाले ठेकेदार पूरी तरह से भयमुक्त है, क्योंकि वे भी किसी न किसी जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार या नातेदार हैं । जनता की समस्याओं की उन्हें कोई परवाह नहीं है। नगर निगम में कार्यरत अवर अभियंता कभी भी क्षेत्रों में जाकर टूटी-फूटी सड़कों व निर्मित हो रही सड़कों की निगरानी नहीं करते।यहां पर नगर पालिका परिषद होने पर जैसे मानिटरिंग कार्यों की होती थी नगर निगम बनने के बाद अब समाप्त हो चुकी है। कोई सुनने वाला व जनता की शिकायतों को मौके पर जाकर देखने वाला नहीं है, चाहे गंदे जल की निकासी का मामला हो या घटिया बन रही सड़कों की शिकायत। मतगजेंद्र चौराहे से गाड़ीवान टोला तक, गाड़ीवान टोला से ऋण मोचन चौराहे तक, मधुसूदन विद्यालय से मत्तगजेन्द्र चौराहे तक आने वाली सड़कें तो गांव की कच्ची गलियों से भी बदतर हालत में है लेकिन मेयर से लेकर कोई भी उच्चाधिकारी सड़कों की दुर्दशा देखने वाला नही है । योगी जी अयोध्या नगरी को स्वर्ग बनाने का दावा कर रहे हैं लेकिन धरातल पर वास्तविकता देखने कोई अधिकारी नहीं जाता है।