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जयपुर- हाईकोर्ट की अवमानना मामले में फंसी अशोक गहलोत सरकार, बचने का ढूंढ रही उपाय

जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Governmentt) के सत्ता में आने के करीब पौने दो साल बाद भी विभिन्न आयोगों और बोर्डों में नियुक्ति (Appointment in Commissions and Boards) को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. समय पर आयोगों और बोर्डों में नियुक्तियां नहीं होने पर हाईकोर्ट की अवमानना (Contempt of High Court) के मामले में फंसी राज्य सरकार को कल इसका जवाब पेश करना है. अवमानना के इस मामले में कल हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. राज्य सरकार अब इसका तोड़ निकालने में जुटी है, जिसकी पूरी तैयारियां की जा चुकी हैं.

यह है पूरा मसला
सरकार के गठन के बाद विभिन्न बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियां नहीं होने पर पिछले साल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के बाद सख्ती दिखाते हुए सरकार को आदेश दिये थे वह जल्द ही नियुक्तियां करें, लेकिन सरकार ने उसके बाद भी नियुक्तियां नहीं की है. जबकि उसके बाद तत्कालीन मुख्य सचिव ने कोर्ट से कहा था सरकार जल्द ही निुयक्ति प्रक्रिया शुरू करने जा रही है. लेकिन उस बात को भी एक साल होने को आ गया और अभी तक सरकार इस मामले में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है. इससे सरकार हाईकोर्ट की अवमानना के मामले में फंस गई.

अवमानना के इस मामले में अब 27 अगस्त को हाई कोर्ट में सुनवाई होगी. सरकार को नियुक्तियों को लेकर कोर्ट में जवाब देना है. सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल सचिवालय ने जवाब दाखिल करने की पूरी तैयारी कर ली है. अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय की अवमानना का मामला पूर्व मुख्य सचिव डीबी गुप्ता से जुड़ा था. चूंकि डीबी गुप्ता अब मुख्य सचिव नहीं है. डीबी गुप्ता का स्थान राजीव स्वरूप ने लिया है. ऐसे में न्यायालय की अवमानना के मामले में सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाए. सरकार इस तर्क को कोर्ट में रखकर बचने का प्रयास कर रही है. इससे सरकार को समय मिल जाएगा. इस दौरान सरकार विभिन्न बोर्डों और आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी कर लेगी. सरकार के शीर्ष स्तर पर नियुक्तियों को लेकर तेजी से मंथन चल रहा है.

डीबी गुप्ता ने कही थी शीघ्र नियुक्ति करने की बात
प्रदेश के विभिन्न आयोगों और बोर्डो में नियुक्तियों पर अदालत की सख्ती के चलते तत्कालीन मुख्य सचिव डी बी गुप्ता ने गत वर्ष 30 सितंबर को पालना रिपोर्ट पेश करते हुए अदालत को कहा था कि सरकार शीघ्र ही नियुक्तियां करेगी. लेकिन एक साल बाद भी सरकार ने नियुक्तियां नहीं की है. हाईकोर्ट में दिये गये हलफनामे में पूर्व मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त-सदस्य और राज्य कृषि आयोग में चैयरमेन-सदस्य नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की जानकारी दी थी.