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सांसद रवि किशन से भिड़ने वाले MLA राधा मोहन दास को BJP ने दिया कारण बताओ नोटिस, जानें वजह

लखनऊ/गोरखपुर. भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janata Party) की रीति-नीति व सिद्धांतों के विरुद्ध आचरण करने के आरोप में गोरखपुर शहर के विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल (BJP MLA Radha Mohan Das Agarwal) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर ने डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल को नोटिस जारी करते हुए कहा कि पार्टी आचरण विरुद्ध आपके द्वारा सरकार और संगठन की छवि को धूमिल करने वाली पोस्ट सोश़ल मीडिया पर की जा रही है. आपका यह कृत्य अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. उक्त के संदर्भ में आप अपना स्पष्टीकरण एक सप्ताह के भीतर पार्टी कार्यालय भेजने का कष्ट करें.

वायरल ऑडियो में सरकार पर साधा निशाना

दरअसल विधायक का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए नजर आ रहे हैं. इससे पहले विधायक और गोरखपुर के सांसद रवि किशन का आमना-सामना हो चुका है. पीडब्ल्यूडी के एक सहायक अभियंता को लेकर ये बखेड़ा खड़ा हुआ. विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने कार्य में लापरवाही के लिए सहायक अभियंता केके सिंह की उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर शिकायत की, जिसके बाद अभियंता को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया.

सांसद रवि किशन और विधायक आए आमने-सामने

इस दौरान विधायक के कई ट्वीट सोशल मीडिया पर आए, जिन पर काफी हलचल मची. वहीं मामले में सांसद रवि किशन की तरफ से अभियंता के समर्थन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखा गया. सांसद रवि किशन के बाद गोरखपुर ग्रामीण से विधायक विपिन सिंह, पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह, कैम्पियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह व सहजनवा विधायक शीतल पांडेय ने भी सहायक अभियंता केके सिंह के पक्ष में उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कोई कार्रवाई न करने की मांग की. वहीं दूसरी तरफ बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के समर्थन में आगे आ गए.

इस पर राधा मोहन दास ने ट्वीट कर चुटकी ली. उन्होंने लिखा कि अब लगता है हमारी भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई कुछ रंग लाने लगी है. 4 महीने से बाढ़ जैसे जलजमान हमारे शहर कॉलोनियों में था. जब हमने जिम्मेदार अभियंता के खिलाफ विधानसभा में लड़ाई लड़नी शुरू की तो दूसरी तीन विधानसभा के माननीय विधायकों ने उसके समर्थन में उपमुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख दी.