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LAC पर डोकलाम और नाकू ला में मिसाइल साइट्स बना रहा चीन, सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

नई दिल्ली. भारत और चीन (India China Faceoff) के बीच लद्दाख स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर तनाव जारी है. इस बीच चीन के एक और नापाक इरादे का खुलासा हुआ है. कुछ सैटेलाइट इमेज्स के जरिए दावा किया गया है कि चीन डोकलाम और नाकू ला में मिसाइल साइट बना रहा है. इसमें एक इलाका वह भी शामिल है, जहां भारत और चीन के सैनिक भिड़ गए थे.

ओपन सोसर्स इंटेलिजेंस एनालिस्ट ने अपने ट्विटर हैंडल @detresfa पर सैटेलाइट तस्वीरें शेयर की हैं. इसमें दो साइट्स दिखाई दे रहे हैं, जहां चीन की पीपुल लिबरेशन आर्मी जमीन से हवा में मार करने वाले मिसाइल साइट बना रही है. एनालिस्ट ने एक तस्वीर ट्वीट कर लिखा है- सिमटैक (एक अन्य विश्लेषक) के साथ चीन, भूटान और भारत के ट्राइजंक्शन पर स्थित डोकालाम क्षेत्र में नए सबूत मिले हैं कि PLA एयर डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है. यह संघर्ष वाली जगह से बमुश्किल 50 किलोमीटर दूर है. बता दें यह वही जगह है जहां साल 70 दिनों तक चीन और भारतीय सैनिकों के बीच गतिरोध चला था.

सी-17 ग्लोबमास्टर 3 परिवहन विमान और सी-130 जे सुपर हरक्युलिस के बेड़े को लगाया
चीन की इन हरकतों के बीच भारत ने भी कमर कस ली है. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley) में भारत और चीन की सेनाओं के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास अपने सभी प्रमुख केंद्रों पर फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों तथा परिवहन बेड़े की तैनाती बढ़ा रही है वायु सेना ने भारत की सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने के लिए कई अग्रिम अड्डों तक भारी सैन्य उपकरणों और हथियार पहुंचाने के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर 3 परिवहन विमान और सी-130 जे सुपर हरक्युलिस के बेड़े को लगाया है.

इलयुशिन-76 बेड़े का भी इस्तेमाल कर रही वायुसेना
वायु सेना, भारत और चीन के बीच 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विभिन्न अग्रिम क्षेत्रों में सैनिकों को पहुंचाने के लिए अपने इलयुशिन-76 बेड़े का भी इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि वायु सेना पहले ही लेह और श्रीनगर समेत कई प्रमुख वायुसैनिक केंद्रों पर अपने फ्रंटलाइन सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर, मिराज 2000 विमान तैनात कर चुकी है. वायु सेना ने अनेक अग्रिम स्थानों तक सैनिकों को पहुंचाने के लिए अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टरों को भी लगाया है. लद्दाख और अन्य क्षेत्रों में वायु सेना की बढ़ती गतिविधियों के बारे में पूछे जाने पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हम किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. पिछले महीने एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने लद्दाख और श्रीनगर वायु सैनिक अड्डों का दौरा किया था और क्षेत्र में किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने की भारतीय वायु सेना की तैयारियों का जायजा लिया था.