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कौशाम्बी – शव दफ़नाने को लेकर दो पक्षों में बवाल, पुलिस की निगहबानी में हुआ अंतिम संस्कार

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद के मंझनपुर मुख्यालय में शव दफ़नाने को लेकर दो पक्षों में बवाल हो गया। मौके पर पहुची प्रशासनिक टीम और मृतक पक्ष के लोगों से घंटो कहासुनी हुई। प्रशासनिक टीम जगह को भूमिधरी बता रही थी। जबकि अनसूचित जाति के लोग कब्रिस्तान की ज़मीन बता रहे थे। हालांकि माहौल बिगड़ता देख प्रशासनिक टीम पीछे हट गई। मृतक के परिजनों ने पुलिस की निगहबानी में शव को वही स्थान पर दफ़न किया। अब जिला प्रशासन जांच कर कार्रवाई करने की बात कह रहा हैं।

मंझनपुर ज़िला मुख्यालय बनने के बाद ज़मीन की क़ीमत बढ़ जाने से अचानक भूमि विवादों में बढ़ोतरी हुई हैं। इसी का नतीजा हैं कि बुधवार को शव दफ़नाने को लेकर बवाल हो गया। दरअसल मंझनपुर के रहने वाले हसन सादिक की भूमिधरी ज़मीन गाटा संख्या 1842 हज़रतगंज मोहल्ले में थी। उसी भूमि से लगकर ऊसर/बंजर भूमि भी हैं। हसन सादिक आदि ने ज़मीन को प्रोपर्टी डीलर हारून खान के नाम बेच दिया था। लेकिन मौके पर अनसूचित के लोगो की कब्रिस्तान थी। बुधवार को जग्गी देवी पत्नी स्व गरीबदास की मौत हो गयी। तो परिजन उसी भूमि पर शव दफनाने के लिए गड्ढा खोद रहे थे। जिसकी शिक़ायत हारून ने प्रशासन से किया। शिकायत मिलने के बाद मौके पर मंझनपुर तहसीलदार रामजी, एसओ समेत भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुच गयी। प्रशासनिक टीम ने परिजनों को समझाने की कोशिश किया । जिस पर परिजन भड़क गए। काफ़ी देर हंगामा होता रहा। बवाल बढ़ता देख प्रशसनिक टीम मौके से हट गई। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस की निगहबानी में शव को दफ़न किया। आप को बता दे कि इसी भूमि पर कुछ माह पहले भी जमकर बवाल हुआ था। तब पुलिस ने हारून आदि के ख़िलाफ़ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस पूरे प्रकरण में पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने बताया कि शव दफ़न करने को लेकर विवाद हुआ था। रेवेन्यू में भूमि कब्रस्तान के नाम से दर्ज नही हैं। लेकिन वहां पर पहले से शव दफ़न किये जाते रहे हैं। इसी को लेकर विवाद हुआ था। जिसकी जांच तहसीलदार और एडिशनल एसपी कर रहे हैं। जांच उपरान्त कार्रवाई की जाएगी।