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गोरखपुर- पीने को शुद्ध पानी तक नहीं हो रहा नसीब,गोरखपुर में 39 गांव चारो तरफ से पानी से घिरे

गोरखपुर- मानसूनी बारिश (Monsoon Rain) की वजह से गोरखपुर (Gorakhpur) जिले में होकर बहने वाली सभी नदियां (Rivers) इन दिनों अपना रौद्र रूप दिखा रही हैं. राप्ती नदी जहां एक मीटर 6 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है तो वहीं रोहनी नदी 69 सेमी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गोर्रा नदी भी 45 सेमी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. सरयू नदी का जलस्तर अयोध्या में कम हुआ है इसलिए उम्मीद की जा रही है कि अगले दो से तीन दिनों में गोरखपुर में भी नदी का जलस्तर कम हो जायेगा. जिले में उफनाई नदियों के कारण इस समय 39 गांव पूरी तरह से पानी से घिर गये हैं. इन गांवों में आने जाने के लिए प्रशासन की तरफ से 105 नावें लगाने का दावा किया जा रहा है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि जरूरत से बहुत कम नावें प्रशासन की तरफ से दी गई है.

शुद्ध पानी की दिक्कत

खोराबार ब्लॉक के मंझरिया गांव में जिसकी आबादी करीब दो हजार की होगी, पूरा गांव पानी से घिर गया है. गांव के लोग आने जाने के लिए नाव का प्रयोग कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगभग सभी के घर पर नाव है. यहां पर करीब 80 नाव है. प्रशासन की तरफ से लेखपाल 10 नाव मालिकों का नाम नोट कर ले गये हैं. जिसका वो बाद में भुगतान दिलाने की बात कह रहे हैं. जो गांव नदी के पानी से घिर गये वहां पर सबसे बड़ी समस्या पीने के शुद्ध पानी है. कुछ लोग तो उबाल कर पानी पी ले रहे हैं पर अधिकतर लोग हैंडपंप का ही पानी पी रहे हैं. चारों तरफ से नदी के पानी से घिर जाने के कारण पानी भी साफ नहीं आ रहा है.

राप्ती नदी भी उफनाई

राप्ती नदी जिस तरह से अपना रौद्र रूप दिखा रही है और अभी चढ़ाव की तरफ है उससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. राप्ती नदी जंगल कौड़िया, खोराबार और ब्रह्मपुर ब्लॉक में काफी नुकसान पहुंचा रही है. वहीं बरहीपाथ बंधे पर रिसाव से अधिकारियों के होश उड़ गये. अधिकारी और सतर्कता बरतने की बात कह रहे हैं. जिला प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए 105 नावें उपलब्ध करा दी गयी हैं. इमने से सदर तहसील में 62 नाव, सहजनवां तहसील में 26, बांसगांव में 3 व कैम्पिरगंज में 7 नाव लगायी गयी है. साथ ही जिले में 86 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है.