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हिसार: कोविड पोस्टर लगाने घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, DSP ने की गाली-गलौच

हिसार. हिसार (Hisar) में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक डीएसपी (DSP) और उनकी पत्नी पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. स्वास्थ्य विभाग (health Department) की टीम का आरोप है कि डीएसपी प्रदीप यादव कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे, जिसके बाद टीम उनके घर में पोस्टर लगाने और लोगों को होम क्वारंटीन रहने की सलाह देने पहुंची थी. लेकिन घर में मौजूद उनकी पत्नी ने घर के बाहर पोस्टर नहीं लगाने दिया.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बात की तो उन्होंने अपने पति को फोन लगा दिया, जो इस वक्त अस्पताल में भर्ती हैं. आरोप है कि उनके पति डीएसपी प्रदीप यादव ने पूरी टीम को गाली दी और मौके से भाग जाने के लिए कहा. ऐसा नहीं करने पर आगे देख लेने की धमकी दी. दरअसरल सेक्टर 16-17 निवासी डीएसपी प्रदीप यादव कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं. इसके बाद उनके घर के बाहर स्वास्थ्य विभाग की टीम होम क्वारंटाइन पोस्टर लगाने पहुंची थी. टीम का आरोप है कि यहां पर पहले तो डीएसपी की पत्नी ने उनसे दुर्व्यवहार किया उसके बाद डीएसपी ने फोन पर सभी से गाली-गलौच किया.
वहीं डीएसपी और उनकी पत्नी का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पॉजिटिव होने के 5 दिन बाद तक उनके परिवार की कोई सुध नहीं ली और न ही परिवार के सदस्यों का कोरोना टेस्ट काराया. डीएसपी का कहना है कि उन्होंने सिर्फ इसी बात पर नाराजगी जाहिर की है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक वीडियो मीडिया को सौंपा है, जिसके महिला को डीएसपी की पत्नी बताया है और ऑडियो में जो व्यक्ति गाली- गलौज कर रहा है. उसे डीएसपी प्रदीप यादव की आवाज बताया जा रहा है.
टीम ने डीएसपी के खिलाफ दी शिकायत
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला पुलिस अधीक्षक को फोन किया, जिसके बाद उनको पोस्टर लगाने दिया गया. इस संबंध में स्वास्थ्य कर्मी रमेश कुमार, बजरंग, राजकुमार और मंगल की तरफ से उपसिविल सर्जन को लिखित में डीएसपी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की शिकायत दी गई है. वहीं इन कर्मचारियों का कहना है कि जब तक डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वह कोरोना से संबंधित कोई काम नहीं करेंगे.

स्वास्थ विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ हो. इससे पहले भी कई मामले ऐसे सामने आ चुके हैं. वहीं दूसरी तरफ डीएसपी की तरफ से समाचार पत्रों को दिये गये बयान के अनुसार स्वास्थ्य विभाग कोविड पेशेंट के खिलाफ लापरवाही बरत रहा है. उन्हें कोरोना हुआ एक सप्ताह हो गया, लेकिन विभाग की तरफ से उनके परिवार की सुध नहीं ली गयी. यह गलत बात है.