Breaking News उत्तर प्रदेश बड़ी खबर

इटावा,यूपी – आखिर कब तक होती रहेंगी लोकतंत्र के चौथे स्तंम्भ की हत्याएं ?

रिपोर्ट- विमल गौतम

निवाड़ी कला देश के चापलूस प्रकृत के लोग पत्रकारों की मौत पर राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं लोकतंत्र के चौथे स्तंम्भ की सुरक्षा में नाकामयाब होती दिख रही है उत्तर प्रदेश की सरकार आए दिन पत्रकारों को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फर्जी मुकदमे लिखना उन्हें प्रताड़ित करना यहां तक कि आए दिन पत्रकारों की हत्या कराना बहुत ही दुखद एवं दुर्भाग्य है हम पत्रकारों का जोकि शासन प्रशासन एवं जनता की माध्य तास्ता उनके कदम से कदम मिलाकर चलने के बाद भी लोकतंत्र की है दुर्गति आखिर जिम्मेदार कौन है

बलिया में पत्रकार रतन सिंह की हत्या की खबर बहुत ही दुखद एवं हृदय बिदारक है भले ही प्रदेश की सरकार मृत्यु पत्रकार परिजनों को आर्थिक सहयोग राशि या अन्य सुविधाएं मुहैय्या कराने की घोषणा कर रही है परंतु मैं जानना चाहता हूं कि प्रदेश में कानून का राज कायम रखने वाली बाबा आदित्यनाथ योगी सरकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा सम्मान की रक्षा करने मैं फेल क्यों क्या पत्रकारों को सुरक्षा एवं सम्मान की रक्षा करने की बात कहकर पत्रकारों पर बड़ी राजनीतिक का हिस्सा तो नहीं बनाया जा रहा है हाल में ही कानपुर के शुक्लागंज मे एक पत्रकार साथी की हत्या कर दी गई इसके अलावा कई अनगिनत पत्रकारों का प्रशासनिक उत्पीड़न किया जा रहा है ताकि वह निर्भीकता एवं निष्पक्षता पूर्ण खबरों का प्रकाशन ना कर सके वहीं पर कुछ चापलूस प्रकृति के लोग हम पत्रकारों की हत्याएं पर राजनीतिक रोटियां सेकने का काम करते आ रहे हैं जब तक हम पत्रकारों का सामाजिक या प्रशासनिक स्तर पर उत्पीड़न किया जाता है तब वहीं राजनीतिक लोग तमाशा भिन्न बनकर तमाशा देखने का काम करते हैं और जब पत्रकार की उत्पीड़न सहते सहते आखिरी सांस तक मृत्युअवस्था में पहुंचने के बाद उन्हीं राजनीतिक गलियारों के लोगों को उस पत्रकार की हत्या या मृत्यु पर राजनीति करने की याद आ जाती है उन राजनीतिक गलियारों एवं कार्यपालिका विधायिका न्यायपालिका को बता देना चाहता हूं उन पत्रकारों में से कोई पत्रकार आपका भाई भी हो सकता है बेटा भी हो सकता है जब आपके भाई या बेटा की सुरक्षा यह सम्मान की जिम्मेदारी नहीं है तो धिक्कार है आप और आप के कानून व्यवस्था पर