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कटरा बाजार,गोण्डा-दलितों के गांव में महीनों से भरा पानी,ज़िम्मेदारों ने फेरा मुह

कटरा बज़र,गोण्डा- लगभग एक माह से बाढ़ जैसी समस्या से जूझ रहे ग्रामवासी,ज़िम्मेदारों का संवेदनहीन चेहरा आया सामने। पत्रकारों से वार्ता कर ग्रामवासी नही रोक पाए अपने आंसू। ग्रामीणों ने लगाया आरोप दलितों का गांव होने से हो रहा सौतेला व्यवहार। मामला जनपद के विकास खण्ड कटरा बाजार ग्रामसभा भदैयाँ कोरिन पुरवा का है जहां लगभग एक माह से गांव के लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। घरों में अधिक जलभराव होने से मिट्टी से बने कई आशियाने ढह गए। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक महीने से हम लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन आज तक कोई भी सरकारी कर्मचारी हम लोगों की सुध लेने नही आया। बताया कि जलभराव से घर मे रखा अनाज भीग कर खराब हो गया। गरीबी की मार झेल रहे ग्रमीणों के पास न तो पैसे हैं कि गैस सिलेंडर खरीद सके और न ही सूखी लकड़ियां हैं जिससे दो जून की रोटी बनाई जा सके। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र भी दिया जा चुका है लेकिन उनके कान में जूं तक नही रेंगा। बीते 9 जुलाई को ग्रामीणों ने मिलकर उपजिलाधिकारी को पत्र दिया कि गांव में जलभराव की समस्या बनी हुई है और तीन दिनों से घरों में खाना तक नही बना व लोग भूख से बदहाल हैं। जिसका संज्ञान लेते हुए तहसीलदार द्वारा उक्त पत्र पर लिखा गया कि प्रभारी निरीक्षक थाना कटरा बाजार कृपया जांच कर समस्या का समाधान कराएं। अब आप ही बताएं कि ज़िम्मेदार पदों पर आसीन अधिकारी ही अपने ज़िम्मेदारी से मुह मोड़ कर जलभराव व भूखमरी की समस्या के निदान हेतु पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया जा रहा है। वहीं आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है यदि जलभराव की समस्या से निजात नही दिलाई गई तो वह भूंख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। जिला संगठन महामंत्री हिन्दू युवा वाहिनी धनंजय मणि त्रिपाठी ने कहा कि जलभराव से ग्रामीण काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन से पीड़ितों के लिये आर्थिक सहायता की मांग कर चुके हैं। बताया कि गांव में जलभराव की सम्पूर्ण ज़िम्मेदारी सिंचाई विभाग की है यदि नहर में साइफन य नाले की व्यवस्था की जाती तो जलभराव की समस्या उतपन्न नही होती।।।

रिपोर्टर – रवि रूहेला