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यूपी – अब प्रहरी सॉफ्टवेयर से पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया, अफसर नहीं कर पाएंगे धांधली,

भ्रष्टाचार (Corruption) और घोटाले (Scam) के खिलाफ योगी सरकार (Yogi Government) की मुहीम लगातार जारी है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पर यूपी के पीडब्लूडी विभाग (PWD) में प्रहरी सॉफ्टवेयर (Prahari Software) की व्यवस्था लागू की गई है. यह सॉफ्टवेयर देश का पहला सॉफ्टवेयर है जिसके माध्यम से टेंडर प्रक्रिया में किसी भी तरह का घोटाला नहीं किया जा सकेगा. प्रहरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया में ऑफ़लाइन वाले खेल पर लगाम लगेगी. फिलहाल पीडब्लूडी विभाग में अब इसी सॉफ्टवेयर के माष्यम से ही सभी टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

बता दें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल एप्लीकेशन तैयार करने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद विभाग के पूर्व प्रमुख अभियंता वीके सिंह ने प्रहरी सॉफ्टवेयर को तैयार करवाया था. इतना ही नहीं प्रहरी एप्लीकेशन का प्रेजेंटेशन पूर्व विभागाध्यक्ष वीके सिंह ने शासन से लेकर सीएम आफिस को भी दिया था. अब मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को लागू करने की मंजूरी दे दी है.

पीडब्लूडी के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने अब यह आदेश जारी कर दिया है कि सभी टेंडर कार्य प्रहरी एप्लीकेशन के माध्यम से ही होगा. इस एप के माध्यम से ठेकेदारों की बिड कैपेसिटी का ऑनलाइन आंकलन किया जा सकेगा. ठेकेदार, फर्म और कंपनी की सभी जानकारी डिजिटल होगी. साथ ही ऑफलाइन होने वाले गड़बड़ियों और कमियों का खेल खत्म करने में प्रहरी एप कारगर साबित होगा.
ये है खासियत

यह देश का ऐसा पहला सॉफ्टवेयर है जिसके तहत अब किसी भी ठेकेदार व कंस्ट्रक्शन कंपनी के टेंडर को विभागीय अधिकारी अपने आप न तो निरस्त कर पाएंगे न ही क्वालीफाई. सॉफ्टवेयर अपने आप यह तय करेगा कि किस ठेके में कौन सा ठेकेदार सभी शर्तें पूरा करता है. यह देश का पहला सॉफ्टवेयर है जो यूपी में लागू हो रहा है.

सभी कार्यदाई संस्थाओं में लागू होगा प्रहरी ऐप

पीडब्लूडी विभाग के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की सभी कार्यदायी संस्था में इस प्रहरी एप को लागू करने का निर्देश दिया है.