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नई दिल्ली- भारत-चीन सीमा विवाद: पूर्वी लद्दाख से सेना हटाने को लेकर कोर कमांडर स्तर की पांचवें दौर की बातचीत आज

नई दिल्ली- पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच गतिरोध (India China Standoff) का दौर लगातार बना हुआ है. चीन की सेना अब भी कई इलाकों से पीछे नहीं हटी है. लिहाज़ा दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने के लिए आज भारत और चीन की सेना के बीच कोर कमांडर स्तर (Commander-level talks ) की पांचवें दौर की बातचीत होगी. सूत्रों के मुताबिक, ये बातचीत मॉल्डो में होगी. ये इलाका LAC के चीन वाले हिस्से में पड़ता है. बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों में दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई है, लेकिन अब तक इन बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है.

अब तक 4 राउंड की बातचीत
गलवान घाटी में 15 जून को चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. तभी से सीमा पर तनाव बढ़ गया है. क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के शीर्ष सैन्य कमांडरों के बीच अब तक चार दौर की वार्ता हो चुकी है. सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने गलवान घाटी और टकराव के कुछ जगहों से अपनी सेना हटा ली है. लेकिन भारत ने पैंगोंग सो में फिंगर प्वाइंट्स से भी सेना को पीछे हटाने की मांग की है. इन क्षेत्रों से चीन ने अपनी सेना को वापस नहीं बुलाया है.

चीन का झूठ
बता दें कि पांच जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने टेलीफोन पर करीब दो घंटे तक पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिये चर्चा की थी. दोनों पक्षों ने इस बातचीत के बाद छह जुलाई के बाद पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू की थी. लेकिन चीन हमेशा की तरह अपनी बातों से पीछे हट गया. ऐसे में कई इलाकों में चीन की सेना अभी भी मौजूद है.

सेना की तैयारी
इस बीच सेना ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद का समाधान जल्द निकल पाने के संकेत नहीं मिलने के चलते फिर से डेरा डालना शुरू कर दिया है. इलाके के सभी अहम स्थानों पर सैन्य बलों, टैंकों और अन्य हथियारों की मौजूदा संख्या को सर्दियों के महीनों में भी बरकरार रखने की तैयारी शुरू कर दी है. शीर्ष सैन्य अधिकारियों और सामरिक विशेषज्ञों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी और अन्य स्थानों पर हालात का शनिवार को जायजा लिया. कहा जा रहा है कि थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे तैयारियों के संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लगातार जानकारी दे रहे हैं.