Breaking News देश -विदेश नई दिल्ली बड़ी खबर राष्ट्रीय

चीनी सेना की नई चाल, पैंगोंग के आस-पास तैनात किये और टैंक

India-China Standoff: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) से मॉस्को में बातचीत के बाद चीन (China) ने पैंगोंग सो झील (pangong lake) के आस-पास अपनी तरफ के इलाके में सैनिकों और टैंकों की तादाद बढ़ानी शुरू कर दी है. बता दें कि राजनाथ ने चीनी रक्षा मंत्री से स्पष्ट कहा था कि भारत अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा.

1/ 9 पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो झील (Pangong lake) के दक्षिणी किनारे पर भारतीय सेना (Indian Army) की मुस्तैदी के चलते मुंह की खाने के बावजूद भी चीनी सेना (PLA) अभी भी आक्रामक बनी हुई है. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सैटलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चीन गतिरोध वाले प्‍वाइंट्स पर अपनी स्थिति को और ज्‍यादा मजबूत कर रहा है. (फोटो- AP) पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो झील (Pangong lake) के दक्षिणी किनारे पर भारतीय सेना (Indian Army) की मुस्तैदी के चलते मुंह की खाने के बावजूद भी चीनी सेना (PLA) अभी भी आक्रामक बनी हुई है. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सैटलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चीन गतिरोध वाले प्‍वाइंट्स पर अपनी स्थिति को और ज्‍यादा मजबूत कर रहा है.

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो झील (Pangong lake) के दक्षिणी किनारे पर भारतीय सेना (Indian Army) की मुस्तैदी के चलते मुंह की खाने के बावजूद भी चीनी सेना (PLA) अभी भी आक्रामक बनी हुई है. टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सैटलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चीन गतिरोध वाले प्‍वाइंट्स पर अपनी स्थिति को और ज्‍यादा मजबूत कर रहा है.

2/ 9 रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने इस इलाके में कई जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक और साथ में काफी टैंक भी भेजे हैं. सैटलाइट से मिली तस्‍वीरों से पता चला है कि चीन इन इलाकों में नए सैन्‍य ठिकाने बनाने में जुट गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने इस इलाके में कई जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक और साथ में काफी टैंक भी भेजे हैं. सैटलाइट से मिली तस्‍वीरों से पता चला है कि चीन इन इलाकों में नए सैन्‍य ठिकाने बनाने में जुट गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने इस इलाके में कई जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक और साथ में काफी टैंक भी भेजे हैं. सैटलाइट से मिली तस्‍वीरों से पता चला है कि चीन इन इलाकों में नए सैन्‍य ठिकाने बनाने में जुट गया है.

3/ 9 टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की इस कार्रवाई से यह साफ नजर आ रहा है कि भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच मास्‍को में वार्ता के बाद भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. चीन अब सभी गतिरोध वाली जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक तथा टैंक तैनात कर रहा है. (फोटो- AP) टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की इस कार्रवाई से यह साफ नजर आ रहा है कि भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच मास्‍को में वार्ता के बाद भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. चीन अब सभी गतिरोध वाली जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक तथा टैंक तैनात कर रहा है.

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की इस कार्रवाई से यह साफ नजर आ रहा है कि भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच मास्‍को में वार्ता के बाद भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. चीन अब सभी गतिरोध वाली जगहों पर और ज्‍यादा सैनिक तथा टैंक तैनात कर रहा है.

4/ 9 एक दावे के मुताबिक दोनों ही पक्षों के करीब एक लाख सैनिक पूर्वी लद्दाख में तैनात हैं. चीन वार्ता की टेबल पर तनाव घटाने की बात तो कर रहा है लेकिन जमीन पर वह लगातार अपनी सैन्‍य तैयारी को और ज्‍यादा मजबूत करने में जुटा हुआ है. एक दावे के मुताबिक दोनों ही पक्षों के करीब एक लाख सैनिक पूर्वी लद्दाख में तैनात हैं. चीन वार्ता की टेबल पर तनाव घटाने की बात तो कर रहा है लेकिन जमीन पर वह लगातार अपनी सैन्‍य तैयारी को और ज्‍यादा मजबूत करने में जुटा हुआ है.
एक दावे के मुताबिक दोनों ही पक्षों के करीब एक लाख सैनिक पूर्वी लद्दाख में तैनात हैं. चीन वार्ता की टेबल पर तनाव घटाने की बात तो कर रहा है लेकिन जमीन पर वह लगातार अपनी सैन्‍य तैयारी को और ज्‍यादा मजबूत करने में जुटा हुआ है.

5/ 9 चीन की इस ताजा कार्रवाई का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने भी अपनी तैनाती को बढ़ा द‍िया है. बता दें कि मॉस्को में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेइ फेंघे को बहुत कड़े अंदाज में अपना जवाब दिया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पूर्वी लद्दाख में तनाव का एकमात्र कारण चीनी सैनिकों का आक्रमक रवैया है और ऐसा चलता रहा तो भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. चीन की इस ताजा कार्रवाई का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने भी अपनी तैनाती को बढ़ा द‍िया है. बता दें कि मॉस्को में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेइ फेंघे को बहुत कड़े अंदाज में अपना जवाब दिया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पूर्वी लद्दाख में तनाव का एकमात्र कारण चीनी सैनिकों का आक्रमक रवैया है और ऐसा चलता रहा तो भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.

चीन की इस ताजा कार्रवाई का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने भी अपनी तैनाती को बढ़ा द‍िया है. बता दें कि मॉस्को में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेइ फेंघे को बहुत कड़े अंदाज में अपना जवाब दिया था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पूर्वी लद्दाख में तनाव का एकमात्र कारण चीनी सैनिकों का आक्रमक रवैया है और ऐसा चलता रहा तो भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.

6/ 9 इससे पहले 29 और 31 अगस्‍त के बीच चीन की सेना ने उकसावे की कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया था लेकिन भारतीय सेना ने उसे विफल कर दिया था. यही नहीं बाद में भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग के दक्षिणी किनारे पर स्थित लगभग सभी प्रमुख चोटियों पर कब्‍जा कर लिया था. (फोटो- AP) इससे पहले 29 और 31 अगस्‍त के बीच चीन की सेना ने उकसावे की कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया था लेकिन भारतीय सेना ने उसे विफल कर दिया था. यही नहीं बाद में भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग के दक्षिणी किनारे पर स्थित लगभग सभी प्रमुख चोटियों पर कब्‍जा कर लिया था.

इससे पहले 29 और 31 अगस्‍त के बीच चीन की सेना ने उकसावे की कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया था लेकिन भारतीय सेना ने उसे विफल कर दिया था. यही नहीं बाद में भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग के दक्षिणी किनारे पर स्थित लगभग सभी प्रमुख चोटियों पर कब्‍जा कर लिया था.

7/ 9 रक्षा मंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, रक्षा मंत्री ने (बातचीत के दौरान) चीनी सैनिकों की कार्रवाइयों, उनका आक्रामक व्यवहार और द्विपक्षीय संधियों का उल्लंघन करते हुए जमीनी हालात को एकतरफा बदलने की कोशिश के मुद्दे पर जोर दिया. उन्होंने सीमा पर चीन की तरफ से बड़ी संख्या में फौजियों को भेजने का मुद्दा भी उठाया.

रक्षा मंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, रक्षा मंत्री ने (बातचीत के दौरान) चीनी सैनिकों की कार्रवाइयों, उनका आक्रामक व्यवहार और द्विपक्षीय संधियों का उल्लंघन करते हुए जमीनी हालात को एकतरफा बदलने की कोशिश के मुद्दे पर जोर दिया. उन्होंने सीमा पर चीन की तरफ से बड़ी संख्या में फौजियों को भेजने का मुद्दा भी उठाया.

रक्षा मंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, रक्षा मंत्री ने (बातचीत के दौरान) चीनी सैनिकों की कार्रवाइयों, उनका आक्रामक व्यवहार और द्विपक्षीय संधियों का उल्लंघन करते हुए जमीनी हालात को एकतरफा बदलने की कोशिश के मुद्दे पर जोर दिया. उन्होंने सीमा पर चीन की तरफ से बड़ी संख्या में फौजियों को भेजने का मुद्दा भी उठाया.

8/ 9 उधर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के इतर भारत-चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बातचीत को लेकर ट्विटर पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि भारत सीमा प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और निभाता रहेगा, लेकिन अपनी संप्रभुता और अखंडता से कभी कोई समझौता नहीं करेगा.

उधर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के इतर भारत-चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बातचीत को लेकर ट्विटर पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि भारत सीमा प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और निभाता रहेगा, लेकिन अपनी संप्रभुता और अखंडता से कभी कोई समझौता नहीं करेगा.

उधर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के इतर भारत-चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बातचीत को लेकर ट्विटर पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि भारत सीमा प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और निभाता रहेगा, लेकिन अपनी संप्रभुता और अखंडता से कभी कोई समझौता नहीं करेगा.

9/ 9 एक ट्वीट में कहा गया है, रक्षा मंत्री ने कहा कि बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति भारतीय सैनिकों का रवैया हमेशा से बहुत जिम्मेदाराना रहा है, लेकिन भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए.

एक ट्वीट में कहा गया है, रक्षा मंत्री ने कहा कि बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति भारतीय सैनिकों का रवैया हमेशा से बहुत जिम्मेदाराना रहा है, लेकिन भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए.

एक ट्वीट में कहा गया है, रक्षा मंत्री ने कहा कि बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति भारतीय सैनिकों का रवैया हमेशा से बहुत जिम्मेदाराना रहा है, लेकिन भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए