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करनैलगंज(गोंडा)- घाघरा नदी का बढ़ा जलस्तर खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर बह रही घाघरा नदी,बांध की सुरक्षा अब भगवान भरोसे

करनैलगंज(गोंडा)- हर तरफ पानी ही पानी है। बांध भी भगवान भरोसे हो चुका है। लगातार पानी का बढ़ना जारी है। घाघरा खतरे के निशान से एक मीटर से भी ऊपर पहुंच गई है। जिससे आधा दर्जन गांव के 26 मजरे पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं और लोग गांव से पलायन करने लगे हैं।

घरों में करीब 10 फीट से अधिक पानी भर चुका है। लोग अपना सामान निकाल कर नाव के सहारे बाहर निकल रहे हैं। वही हुआ जिसका डर एक महीने पहले बांध के आसपास बसे गांव में लोगों को सताने लगा था। पिछले 24 घंटे के भीतर घाघरा ने विकराल रूप धारण करते हुए गांव को चपेट में ले लिया है और नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर से ऊपर पहुंच चुका है। जिसके नतीजतन गांव में पानी सर के ऊपर हो चुका है। कच्चे मकान पूरी तरह डूब चुके हैं। जो मकान पक्के बने थे वह करीब 10 फीट से अधिक पानी में डूबे हुए हैं। जहां लोग घर में किसी तरह गुजर बसर करते थे उन लोगों के लिए भी मुश्किलों का दौर शुरू हो गया है। अब वह ग्रामीण भी सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। गुरुवार की देर रात्रि तक घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा था। वहां तक गांव में पानी का आना शुरू हुआ था। मगर शुक्रवार को स्थिति बदलने में देर नहीं लगी और अचानक गांव में पानी तेजी से घुसने लगा। आसपास के सभी नाले, तालाब, गड्ढे भर गए उसके बाद पानी ने पूरे गांव को आगोश में ले लिया। करनैलगंज तहसील के ग्राम नकहरा के एक दर्जन मजरे जो गुरुवार तक सुरक्षित थे। अब वह मजरे पूरी तरह पानी में लबालब डूब चुके हैं। इसी तरह ग्राम बेहटा, पारा जो गोंडा और बाराबंकी की सीमा पर बसे हैं। वह गांव भी चपेट में आ गए हैं। इनके अलावा ग्राम मांझा रायपुर, परसावल, कमियार, नैपुरा पहले से जल मग्न थे। जहां पानी अब गांव में करीब 10 फीट ऊपर बहने लगा है। जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है।

शुक्रवार को घाघरा का जलस्तर खतरे ने निशान 106.07 से बढ़ कर 107.076 पर पहुंच गया है। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी ज्ञान चंद गुप्ता व तहसीलदार बृजमोहन अपने पूरे दलबल के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और लोगों को सुरक्षित करने के लिए गांव में नावे लगवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को तैनात करके सभी लोगों को बाहर निकाल कर उन्हें भोजन पानी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।

सिंचाई विभाग अवर अभियंता एमके सिंह बताते हैं कि घाघरा का जलस्तर 1 मीटर खतरे के निशान से ऊपर है और शनिवार तक स्थिति यही बनी रहेगी। यदि बरसात नहीं हुई तो पानी घटना शुरू हो जाएगा। फिलहाल बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।