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उत्तराखंड सरकार के विधायक बोले-अधिकारी नहीं मानते बात, दिल्ली दरबार में करेंगे शिकायत

देहरादून. उत्तराखंड सरकार (Government of Uttarakhand) के एक विधायक (MLA) को अपनी ही सरकार के अधिकारियों से शिकायत है, जिसके चलते वो अधिकारियों से नाराज हो गये हैं. विधायक जी ने इस मामले की शिकायत भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा (Jp nadda) करने का मूड बना लिया है. कई विधायकों ने इस बात को लेकर जेपी नड्डा को एक पत्र भी लिखा है और उनसे मिलने का समय मांगा है. उनका कहना है कि उन्होंने इस बात की जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) को भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न करने के कारण दिल्ली दरबार में हाजिरी लगानी पड़ रही है. अभी कुछ दिन पहले उत्तराखंड के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने उत्तराखंड में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनकी ही सरकार के अधिकारी काम नहीं करते हैं और भ्रष्टाचार को लेकर भी कई तरीके के आरोप लगाए थे.

नड्डा से बिशन सिंह चुफाल ने कल की थी मुलाकात
वहीं गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से उत्तराखंड के विधायक बिशन सिंह चुफाल ने मुलाकात की और उन्होंने hindi.news18.com से फोन पर बात की. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में अधिकारी जिस तरह से काम करते और उनका व्यवहार जिस प्रकार का है उसके बारे में हमने जेपी नड्डा जी को बताया है. उन्होंने कहा कि अधिकारी अपना काम सही ढंग से नहीं कर रहे हैं. इस बात की जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी दी गई थी. उत्तराखंड के ही एक विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को अधिकारियों की शिकायत को लेकर एक पत्र लिखा है और दिल्ली में उनसे मिलने का समय मांगा है. हालांकि अभी उत्तराखंड के विधायक उमेश शर्मा काऊ को जेपी नड्डा के यहां से मिलने का समय नहीं मिला है.

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विधायकों की नाराजगी की क्या है वजह

उत्तराखंड के कई विधायक अधिकारियों के द्वारा उनकी बात नहीं सुनने को लेकर नाराज हैं. विधायकों का कहना है कि अधिकारी उनकी बातों को अनसुना कर देते हैं और अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जब भी वो अधिकारियों के पास पहुंचते हैं उनको हमेशा टालमटोल का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते क्षेत्र का विकास सही ढंग से नहीं हो पाया है. इसको लेकर हमने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी को भी अवगत कराया था उन्होंने हमें आश्वासन दिया था कि सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे कि अधिकारी बातों को अनसुना ना करें, लेकिन उसके बावजूद इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जिसके चलते हम लोगों को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास आना पड़ा और उनको हम लोगों ने इस मामले से अवगत करवाया है.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने क्या कहा
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि उनका इस मामले को लेकर वह संज्ञान ले रहे हैं और जल्द से जल्द कोई रास्ता निकाला जाएगा अधिकारियों की बात भी सुनी जाएगी और विधायकों की बात भी सुनी जाएगी. बीच का कोई ऐसा रास्ता निकालना पड़ेगा जिससे अधिकारी और विधायकों के बीच में सामंजस्य बैठाया जा सके. जिससे विकास तेजी से हो सके क्योंकि जब तक विधायक और अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल में नहीं होगा तब तक किसी भी क्षेत्र का विकास करने में मुश्किल आएगी.