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उत्तराखंड: अगस्त में बढ़ सकती है बिजली की दर,कोरोनाकाल में लोगों को फिर लगेगा ‘करंट’,

देहरादून- उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर झटका लग सकता है.उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) एक बार फिर विद्युत नियामक आयोग में टैरिफ़ बढ़ाने के लिए गुहार लगाने जा रहा है. यूपीसीएल करीब 2500 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है और इस घाटे की आपूर्ति वह बिजली दरें (Power Bill Rate) बढ़ाकर करना चाहता है. हालांकि विभाग अपने खर्चो में कोई कटौती करने पर विचार नहीं कर रहा. इसका खामियाजा एक बार फिर आम जनता को बिजली बिल बढ़ोतरी के रूप में चुकाना होगा.

दरअसल 20 जुलाई को हुई उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की बोर्ड बैठक में विभाग के अधिकारियों द्वारा बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था. बोर्ड ने सर्वसम्मति से बिजली दरों में 2.56% की बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी.

बिजली दरों में वृद्धि की बड़ी वजह यह बताई गई कि इस साल उत्तराखंड नियामक आयोग ने टैरिफ में यूपीसीएल के कुछ खर्चों को नहीं जोड़ा था. इसकी वजह से अब यूपीसीएल अगस्त महीने में 2.56% वृद्धि के लिए नियामक आयोग में पिटीशन फाइल करने जा रहा है. इसके बाद नियामक आयोग कार्रवाई शुरू करेगा.

अप्रैल में सस्ती हुई थी बिजली
इस बारे में यूपीसीएल के एमडी बीसीके मिश्रा ने कहा कि अप्रैल महीने में विद्युत नियामक आयोग की ओर से जो बिजली के जिस टैरिफ का ऐलान किया गया था उसमें कुछ त्रुटियां थीं. इन्हें दूर करने के लिए बोर्ड से अप्रूवल मिल गया है. साथ ही अब नियामक आयोग में 2.56% की वृद्धि के लिए पिटीशन दाखिल की जाएगी.

बता दें नियामक आयोग की ओर से अप्रैल माह में साल 2020-21 का बिजली टैरिफ का ऐलान किया था. इसमें बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली थी. इसमें न सिर्फ़ बिजली की दरें बढ़ी नहीं थीं बल्कि बिजली के दाम प्रति यूनिट 18 पैसे कम हो गए थे. इस बार लगता है कि यूपीसीएल पुराने नुक़सान को उपभोक्ताओं से ब्याज सहित वसूलना चाहता है.