देवीपाटन मंडल में सड़क सुरक्षा पर सख्ती, स्कूली वाहनों की फिटनेस पर आयुक्त का विशेष जोर
दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें घटीं: आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश, ब्लैक स्पॉट सुधार पर फोकस
38 हजार से अधिक चालान, ₹385.99 लाख जुर्माना—सड़क सुरक्षा पर तेज हुआ प्रवर्तन
स्कूल वाहनों की जांच होगी अनिवार्य, नियम उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई
गोंडा — मंगलवार की देर शाम आयुक्त देवीपाटन मंडल की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें गोंडा, बलरामपुर, बहराइच एवं श्रावस्ती जनपदों की सड़क सुरक्षा की अद्यावधिक स्थिति और दुर्घटनाओं के आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अपर आयुक्त (प्रशासन) मीनू राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनवरी -फरवरी 2025 की तुलना में वर्ष 2026 की समान अवधि में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 6.4 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन घायलों की संख्या में 25.49 प्रतिशत की वृद्धि चिंताजनक पाई गई। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि सभी जनपदों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने विशेष रूप से स्कूली वाहनों की फिटनेस को सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए आरटीओ अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्कूल बसों एवं छात्र परिवहन वाहनों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने कहा कि बिना वैध फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीसीटीवी, अग्निशमन यंत्र एवं प्राथमिक उपचार किट जैसे सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कठोर प्रवर्तन कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
समीक्षा में पाया गया कि 01 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक मंडल में कुल 38,373 चालान किए गए, जिनसे ₹385.99 लाख का जुर्माना वसूल किया गया। बिना हेलमेट के मामलों में सर्वाधिक कार्रवाई की गई, जिसमें बहराइच और श्रावस्ती अग्रणी रहे। इसके अलावा सीट बेल्ट, ओवर स्पीडिंग और ड्रंक ड्राइव जैसे मामलों में भी निरंतर सख्ती बरती गई है। आयुक्त ने इस प्रवर्तन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी ब्लैक स्पॉट्स को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त किया जाए तथा तीव्र मोड़ों से पहले स्पीड ब्रेकर और आवश्यक साइनेज लगाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और इसकी निगरानी एसडीएम स्तर से कराई जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही आयुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल दंडात्मक कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक जनजागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने विद्यालयों में सड़क सुरक्षा प्रतियोगिताएं आयोजित करने, रोड सेफ्टी क्लब स्थापित करने और जिला विद्यालय यातायात सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें कराने के निर्देश दिए। आमजन को यातायात नियमों के पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग तथा सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए आयुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बस चालकों के नियमित स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण और स्कूली वाहनों के चालक -परिचालकों का समय-समय पर चरित्र सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।
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