हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली ‘मुनजेरो’ इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक फ्लैट में नकली इंजेक्शन तैयार कर रहे थे और इन्हें शहर के पॉश इलाकों में सप्लाई करने की तैयारी थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 70 लाख रुपये की कीमत के नकली इंजेक्शन बरामद किए हैं।
जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड अमिश शर्मा अपने एक साथी के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को चला रहा था। पुलिस को इस नेटवर्क की सूचना मिलने के बाद ड्रग कंट्रोल विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त टीम बनाई गई, जिसने शनिवार को दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि ये नकली इंजेक्शन दिल्ली के भागीरथ पैलेस से सप्लाई होकर गुरुग्राम के पॉश गलेरिया मार्केट तक पहुंचाए जाने वाले थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है, ताकि इस खतरनाक रैकेट से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
जानकारी के अनुसार, ‘मुनजेरो’ इंजेक्शन मूल रूप से इटली से भारत में आयात किया जाता है और इसका उपयोग डायबिटीज के मरीजों द्वारा ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए किया जाता है। हालांकि, हाल के समय में इसका इस्तेमाल वजन कम करने के लिए भी बढ़ा है, जिसका फायदा उठाकर आरोपी नकली दवाओं का कारोबार कर रहे थे।
ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, असली इंजेक्शन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में सुरक्षित तरीके से सप्लाई किया जाता है, जबकि बरामद नकली इंजेक्शन बिना किसी मानक के रखे और सप्लाई किए जा रहे थे। यही अंतर इनके नकली होने का प्रमुख प्रमाण बना।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन स्थानों पर नकली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी।
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