लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के विभिन्न जिलों में मिलावटी तेल बेचने वाली 14 बड़ी फर्मों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन फर्मों के तेल के नमूनों में खतरनाक स्तर पर लेड (सीसा) की मात्रा पाई गई है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
210 नमूनों में से कई निकले असुरक्षित
राज्य भर में चलाए गए इस व्यापक अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजार से 210 खाद्य तेलों के नमूने एकत्र किए थे। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कई नमूनों में भारी धातु ‘लेड’ (Lead) की मात्रा निर्धारित सीमा से काफी अधिक पाई गई, जो सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके अतिरिक्त, तेलों में विटामिन की मात्रा भी तय मानकों से कम मिली है, जो इसे पोषण के लिहाज से भी अनुपयोगी बनाता है।
प्रतिबंधित फर्मों की सूची
प्रशासन ने जिन फर्मों के भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
मंटोरा आयल प्रोडक्शन (कानपुर देहात)
हिंद वेज ऑयल
संकट मोचन इंटरप्राइजेज
भीम श्री प्रोडक्ट (कानपुर)
NR उद्योग (कानपुर)
कटारिया एडिबल्स (कानपुर)
वैभव एडिबल्स
आगरा ऑयल
एनएम ऑयल
GS एग्रो
जेपी एग्रो आयल
केएल वेजिटेबल आयल
किन जिलों में हुई कार्रवाई?
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में एक साथ की गई। लखनऊ, कानपुर, कानपुर देहात, आगरा, हापुड़ और मेरठ सहित कई अन्य जिलों में छापेमारी कर इन फर्मों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
आम जनता के लिए चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन प्रतिबंधित फर्मों के उत्पादों का उपयोग न करें। साथ ही, खाद्य तेल या कोई भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, लाइसेंस नंबर और बैच नंबर की जांच अवश्य करें। संदिग्ध सामग्री पाए जाने पर इसकी सूचना तत्काल नजदीकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी को दें।
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