कोलकाता/पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आखिरी जनसभा में बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि “बंगाल को बचाना मेरे भाग्य में है और इस बार परिवर्तन होकर रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन-रात, मौसम या परिस्थितियों की परवाह किए बिना जनता के बीच काम करते हैं। “जब से घर छोड़ा है, आपके बीच रहकर ही मुझे सुकून मिलता है,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस तरह का जनसमर्थन उन्हें देखने को मिला है, उससे लगता है कि 4 तारीख के बाद शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना तय है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अयोध्या में जनवरी 2024 में हुए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने 11 दिनों का अनुष्ठान किया था और इस चुनाव में उन्हें वैसी ही आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है, जैसी किसी देवी मंदिर में दर्शन के दौरान होती है।
उन्होंने कहा कि बंगाल के प्रति उनका विशेष लगाव है और वे इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे। “मुझ पर करोड़ों बहनों का आशीर्वाद है,” उन्होंने जोड़ा।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह चुनाव केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के भविष्य को तय करने वाला है। उन्होंने ‘अंग, बंग और कलिंग’—यानी बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा—को देश के विकास के तीन मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि इन राज्यों का सशक्त होना भारत के विकसित बनने के लक्ष्य के लिए बेहद जरूरी है।
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