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मेरठ में ISI की महिला एजेंट गिरफ्तार! 30 साल से फर्जी पहचान पर रह रही थी पाकिस्तानी सबा; मंत्रालयों में जासूसी का लगा आरोप


Meerut News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजिया को गिरफ्तार किया है। सबा पर आरोप है कि वह पिछले 3 दशकों से भारत में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रही थी और अपनी बेटी के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थी। पुलिस अब इस मामले में ISI (आईएसआई) कनेक्शन और जासूसी के एंगल से जांच कर रही है।

36 साल पहले आई थी भारत, फिर शुरू हुआ ‘फर्जीवाड़ा’
पुलिस जांच के मुताबिक, सबा फरहत साल 1988 में मेरठ के जली कोठी निवासी फरहत मसूद से निकाह के बाद ‘लॉन्ग टर्म वीजा’ पर पाकिस्तान से भारत आई थी। सबा तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता लिए यहां रह रही थी। उसने खुद को भारतीय साबित करने के लिए ‘सबा मसूद’ और ‘नाजिया मसूद’ के नाम से दो अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड बनवा रखे थे। सबा ने अपनी पाकिस्तान में जन्मी बेटी एनम का भी फर्जी कागजात के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया, जबकि उसे भारतीय नागरिकता कभी मिली ही नहीं थी। इसी फर्जी पासपोर्ट पर दोनों ने पाकिस्तान समेत कई देशों की यात्राएं भी कीं।

ISI एजेंट होने और जासूसी का गंभीर आरोप
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू ‘जासूसी’ से जुड़ा है। स्थानीय निवासी रुखसाना की शिकायत पर हुई जांच में कई सनसनीखेज दावे किए गए हैं। आरोप है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में आईएसआई (ISI) के एजेंट हैं। सबा और उसकी अधिवक्ता बेटी एनम पर आरोप है कि वे दिल्ली के विभिन्न मंत्रालयों और सैन्य इलाकों (Cantonment areas) के चक्कर लगाकर गोपनीय सूचनाएं इकट्ठा करती थीं। शिकायतकर्ता का दावा है कि ये महिलाएं भारत में आईएसआई के लिए ‘स्लीपर सेल’ तैयार करने और नेटवर्क फैलाने का काम कर रही थीं।

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने बताया कि दिल्ली गेट थाने में मामला दर्ज कर जांच की गई थी। जांच में फर्जी वोटर आईडी कार्ड और बिना अनुमति विदेश यात्रा करने के सबूत सही पाए गए हैं। सबा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि सबा ने अब तक कौन-कौन सी गोपनीय जानकारियां सीमा पार भेजी हैं। इस नेटवर्क में शामिल अन्य मददगारों और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की तलाश जारी है।

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