छत्तीसगढ़ में रमजान के पवित्र महीने के मद्देनज़र राज्य सरकार ने अहम प्रशासनिक निर्णय लिया है। Bharatiya Janata Party के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने आदेश जारी कर सभी शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को कार्यालय समय से एक घंटा पहले जाने की अनुमति दी है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह सुविधा केवल मंत्रालय या विभागों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अर्ध-शासकीय संस्थाओं, निगमों, मंडलों और बोर्डों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों पर भी लागू होगी।
19 फरवरी से शुरू हुआ पवित्र महीना
इस वर्ष रमजान की शुरुआत 19 फरवरी 2026 से हुई, जब विभिन्न स्थानों पर चांद दिखाई देने की पुष्टि की गई। इस्लाम में रमजान को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। यह महीना आत्मसंयम, इबादत, दान और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है।
रोजेदार सुबह सहरी के बाद दिनभर उपवास रखते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार करते हैं। इस दौरान नमाज, कुरान पाठ और जरूरतमंदों की सहायता पर विशेष बल दिया जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार रमजान का पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा नजात का माना जाता है।
कर्मचारियों को मिलेगी सुविधा
सरकार के इस फैसले से रोजा रखने वाले कर्मचारियों को इफ्तार की तैयारी, नमाज और अन्य धार्मिक कर्तव्यों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। इसे धार्मिक आस्था के सम्मान और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं
रमजान की शुरुआत पर Narendra Modi ने भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा करते हुए कामना की कि यह पवित्र महीना समाज में एकता, शांति और भाईचारे को मजबूत करे।
अन्य राज्यों में भी मिलती है सुविधा
छत्तीसगढ़ का यह कदम उन राज्यों की तर्ज पर है, जहां पहले से ऐसी व्यवस्था लागू है। Telangana और Andhra Pradesh में भी रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी जाती है।
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