लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हर व्यक्ति ने प्रकृति के दुष्परिणामों को झेला है, और अब समय है कि हम धरती मां के सम्मान में कोई भी खिलवाड़ न करें। उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और हम सब इसके पुत्र हैं, इस पर हमें सच्ची निष्ठा से काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को एक नई चेतावनी बताया और कहा कि यह हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। उन्होंने वन संरक्षण को प्रकृति के संतुलन का आधार बताया और कहा कि पिछले 9 वर्षों में वनों को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा “वन है तो बाघ है, बाघ है तो जैव विविधता है,”
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यूपी में 7 शहरों में मेट्रों का संचालन हो रहा है और लगभग हर जिले में एक नदी का पुनरोद्धार किया गया है। उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे पौधारोपण भी किया जा रहा है, जो जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में मदद करेगा।
“10 बेटों के समान एक पेड़ होता है,” मुख्यमंत्री ने इस महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले गायब हो चुकीं गांगेय डॉल्फिन को संरक्षण में लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
सीएम ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के लिए बजट की कोई कमी नहीं की गई है और सामान्य नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 4 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं और 2027 तक 2200 मेगावॉट का रिन्यू ग्रीन एनर्जी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
OneIndia24live Hindi News Channel Today Breaking News Hindi Samachar