रिपोर्ट: के.के. गुप्ता, वरिष्ठ संवाददाता
श्रावस्ती (इकौना)
श्रावस्ती के इकौना में स्थित किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप पर किसानों को डीजल न मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि खेतों की सिंचाई के लिए डीजल लेने पहुंचे किसानों को लेखपाल से प्रमाणित खतौनी न होने पर वापस लौटा दिया गया, जबकि दूसरी ओर बिना किसी कागजी कार्रवाई के ड्रमों में डीजल सप्लाई किया जा रहा है।
मामला इकौना बाईपास स्थित इंडियन ऑयल के किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप का है, जहां शनिवार को बड़ी संख्या में किसान डिब्बे लेकर 5, 10 और 20 लीटर डीजल लेने पहुंचे थे। लेकिन पेट्रोल पंप प्रबंधन ने जिला प्रशासन और जिला पूर्ति अधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए लेखपाल से प्रमाणित खतौनी लाने पर ही डीजल देने की बात कही।
किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी में घंटों लाइन में लगने के बावजूद उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा, जिससे उनकी फसलें—खासकर सब्जी और गन्ना—सूखने के कगार पर पहुंच रही हैं। किसान पारस मौर्य ने बताया कि वह सिंचाई के लिए डीजल लेने पहुंचे थे, लेकिन खतौनी प्रमाणित न होने के कारण उन्हें डीजल नहीं दिया गया।

वहीं आरोप यह भी है कि उसी पेट्रोल पंप पर ई-रिक्शा में लदे ड्रमों में बिना किसी परमिट या दस्तावेज के डीजल दिया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
पेट्रोल पंप मालिक और मैनेजर का कहना है कि वे जिला पूर्ति अधिकारी के आदेशों का पालन कर रहे हैं और बिना प्रमाणित खतौनी के डीजल नहीं दे सकते। हालांकि इस संबंध में उपजिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी और आपूर्ति निरीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी।
किसानों ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई है और पेट्रोल पंप के खिलाफ सख्त कार्रवाई, लाइसेंस निरस्तीकरण तथा ड्रमों में डीजल सप्लाई के मामले में जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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