नेशनल डेस्क: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष ने बड़ा कदम उठाया है। विपक्षी दलों ने स्पीकर को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया है। इस प्रस्ताव पर कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न विपक्षी दलों के करीब 120 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसी बीच ऐसी खबर भी सामने आई है कि इस प्रस्ताव पर राहुल गांधी ने इस पर साइन नहीं किए हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विपक्ष के नेता का स्पीकर के खिलाफ ऐसे प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करना उचित नहीं माना गया।
विपक्षी दलों का कहना है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने से रोका गया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ। इसी को आधार बनाकर स्पीकर के खिलाफ यह प्रस्ताव लाया गया है।
कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर बी ने सोशल मीडिया पर कहा कि विपक्ष ने हमेशा संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखा है। उन्होंने लिखा कि स्पीकर के व्यक्तिगत सम्मान को बनाए रखते हुए भी, सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर विपक्षी सांसदों को लगातार बोलने का अवसर न मिलने से गहरी निराशा है। उनके अनुसार, कई वर्षों बाद स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना एक जरूरी और असाधारण कदम है।
ओम बिरला ने खुद को किया सदन की कार्यवाही से अलग
नोटिस सौंपे जाने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने खुद को सदन की कार्यवाही के संचालन से अलग कर लिया। मंगलवार को वह लोकसभा की अध्यक्षता करते हुए आसन पर नहीं बैठे। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर की टिप्पणियों से कांग्रेस सदस्यों पर सीधे तौर पर गलत और भ्रामक आरोप लगाए गए।
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