इकौना (श्रावस्ती)। तहसील अधिवक्ता संघ इकौना के महामंत्री राजेंद्र कुमार मिश्रा को न्यायालय परिसर में जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। मामले में उपजिलाधिकारी इकौना के निर्देश पर पुलिस जांच कर रही है।
महामंत्री राजेंद्र कुमार मिश्रा ने उपजिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 11 मार्च को वह तहसील स्थित उपजिलाधिकारी के न्यायालय में फूलमती बनाम रामरूप प्रकरण में पैरवी के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान विपक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ और रामरूप उर्फ रामस्वरूप पुत्र बड़काई निवासी मनिकापुर खुर्द थाना गिलौला ने उनके साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि रामरूप ने उन्हें और उनके इकलौते पुत्र को जान से मारने और गायब कर देने की धमकी दी। साथ ही एससी-एसटी एक्ट और दुष्कर्म जैसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित अधिवक्ता के विरोध करने पर विपक्ष के अधिवक्ता उन्हें धमकाते हुए कोर्ट परिसर से बाहर ले गए। शिकायत मिलने पर उपजिलाधिकारी इकौना पीयूष जायसवाल ने थाना प्रभारी इकौना को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इधर, इस घटना को लेकर तहसील अधिवक्ता संघ इकौना में शुक्रवार को आमसभा की बैठक बुलाई गई। बैठक में महामंत्री और उनके पुत्र को दी गई धमकी के मामले पर चर्चा हुई। संघ अध्यक्ष उदय राज पांडेय ने इसे संघ की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ पर आरोपी का साथ देने और बचाव करने का आरोप मानते हुए उन्हें एक वर्ष के लिए अधिवक्ता संघ इकौना से निष्कासित कर दिया गया।
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