ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच दो हफ्तों का अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया है। इसकी घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल 2026 को की। ईरान की Supreme National Security Council ने भी इस युद्धविराम को स्वीकार किया है, हालांकि इसे “जंग का अंत नहीं” बताते हुए सतर्क रुख बनाए रखा है।
युद्धविराम की प्रमुख शर्तों के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित और खुला रखने पर सहमति बनी है। इसके बदले अमेरिका ने सीमित अवधि के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच स्थायी समझौते को लेकर बातचीत इस्लामाबाद में शुरू होने की संभावना है। हालांकि इस बीच ईरान की ओर से जारी बयान में अमेरिका पर “शर्मनाक हार” का दावा किया गया है और कई शर्तें मान लेने की बात कही गई है, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरेनियम संवर्धन, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सैन्य उपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय निगरानी जैसे मुद्दे अब भी विवाद के केंद्र में हैं और इन पर अंतिम सहमति बनना बाकी है।
पृष्ठभूमि में, फरवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया था, जिसमें इज़राइल की भी भूमिका रही है।
फिलहाल यह युद्धविराम तनाव कम करने की दिशा में एक अस्थायी कदम माना जा रहा है, जबकि स्थायी समाधान के लिए कूटनीतिक बातचीत बेहद अहम होगी।
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