बरेली- उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ की जनपद शाखा के पदाधिकारियों ने फरीदपुर तहसील में एसडीएम के पेशकार के साथ कोर्ट में हुई मारपीट की कड़ी निंदा करते हुए रोष जताया है। शाम को पदाधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम से मिले और घटनाक्रम की जानकारी देते हुए विधिक कार्रवाई की मांग की। पीड़ित पेशकार ने भी पूरी घटना बतायी। डीएम ने पेशकार को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कप्तान से बातकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
संघ के बरेली अध्यक्ष सुनील कुमार, सचिव अंकित पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह लोधी, प्रशासनिक अधिकारी राकेश, राजस्व अभिलेखागार के प्रभारी महेंद्र बिष्ट आदि की ओर से जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर शिकायत की गयी है। डीएम को बताया कि तहसील फरीदपुर की उप जिलाधिकारी के रीडर पद पर संबद्ध राजस्व लिपिक कमलेश शर्मा तैनात हैं।
आरोप है कि शुक्रवार को तहसील में एसडीएम फरीदपुर की मौजूदगी में कमलेश शर्मा के साथ कुछ अधिवक्ताओं ने मारपीट की और दिख मत जाने की बात कहते हुए धक्का देकर तहसील से बाहर कर दिया। बताया कि झगड़े का मुख्य कारण धारा-38 की पत्रावली को लेकर है। साक्ष्य पूरे नहीं होने के बावजूद कमलेश पर दबाव बनाकर कार्य कराने का प्रयास किया। पदाधिकारियों ने कहा कि कमलेश फरीदपुर से जान बचाकर यहां आये और घटना की जानकारी दी। कहा कि तहसील फरीदपुर में कार्य करने की स्थिति नहीं है। यदि कमलेश फरीदपुर कार्य करने गया तो अनहोनी होने की आशंका है। पूर्व में भी उसके साथ अभद्रता हो चुकी है। वहां कोई भी कर्मचारी सुरक्षित नहीं है।
साथ ही डीएम को यह भी बताया कि कुछ दिन पूर्व कलेक्ट्रेट के राजस्व अभिलेखागार के मुख्य प्रतिलिपिक सुमित सिंह मेहरा के साथ भी घटना हुई। 13 फरवरी की शाम 4 बजे के समय फरीदपुर के अधिवक्ता ने मुआयना कराने के लिए अनुचित दबाव बनाया। मुआयना न कराने पर गाली-गलौज की। घटनाओं को लेकर कलेक्ट्रेट के समस्त कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। घटना का संज्ञान लेते हुए कमलेश शर्मा एवं सुमित मेहरा के साथ हुई घटना के संबंध में नियमानुसार विधिक कार्यवाही कराने की मांग की है।
OneIndia24live Hindi News Channel Today Breaking News Hindi Samachar