ब्यूरो रिपोर्ट:- शिव शंकर “शिवा” गुप्ता
गोण्डा, यूपी:
कर्नलगंज नगर के गाड़ी बाजार स्थित लगभग 146 वर्ष प्राचीन जालपा मंदिर जनकपुरी में शनिवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर में विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरा नगर भक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

जानकारी के अनुसार जालपा मंदिर जनकपुरी का निर्माण वर्ष 1880 ईस्वी में नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी ठाकुर जालपादीन पुत्र बाबूराम हैहैयवंशी क्षत्रिय द्वारा कराया गया था। उनके नाम पर ही इस मंदिर का नाम जालपा मंदिर पड़ा। मंदिर में पहले अष्टधातु की भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की प्राचीन मूर्तियां विराजमान थीं, जो मंदिर के प्राचीन इतिहास की महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती थीं।

बताया जाता है कि करीब 40 वर्ष पूर्व मंदिर में चोरी की घटना हुई थी, जिसमें अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियां चोरी हो गई थीं। बाद में पुलिस ने मूर्तियों को बरामद तो कर लिया, लेकिन खंडित होने और अत्यधिक कीमती होने के कारण सुरक्षा के चलते उन्हें पुलिस मालखाने में सुरक्षित रखा गया, जहां वे आज भी रखी हुई हैं।
जालपा मंदिर जनकपुरी का विशेष महत्व कर्नलगंज के ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव से भी जुड़ा हुआ है। रामलीला की शुरुआत से पहले निकलने वाली शोभायात्रा सबसे पहले इसी मंदिर में आकर आशीर्वाद लेती है, जिसके कारण इस मंदिर को जनकपुरी के नाम से भी जाना जाता है।

समय के साथ मंदिर की स्थिति जर्जर हो गई थी, जिसके बाद नगर के हिंदू समाज और श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। जीर्णोद्धार के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ भगवान श्रीराम-जानकी दरबार, राधा-कृष्ण तथा शिव परिवार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।

प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान जय श्रीराम के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में नगर के गणमान्य लोग, धर्म प्रेमी श्रद्धालु और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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