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बुंदेलखंड के किसानों की खुशहाली का आधार बनी योगी सरकार


नवनिर्माण के 9 वर्ष

बुंदेलखंड के किसानों की खुशहाली का आधार बनी योगी सरकार

बांदा में सिंचाई से लेकर कर्जमाफी तक किसानो को मिली बड़ी राहत

60 साल से बंद पड़ी ब्रिटिश कालीन नहर का किया पुनरुद्धार

किसान सम्मन निधि वह ऋण मोचन योजना पानी किसने की संकट मोचन

बांदा: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बुंदेलखंड के किसानों की खुशहाली का आधार बनी है और सिंचाई से लेकर कर्ज माफी तक सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। बांदा में योगी सरकार ने अपने 9 साल के कार्यकाल में किसानों की दशा सुधारने और आय बढ़ाने को लेकर कई तरह की योजनाएं चलाई। जिसका किसानों को लाभ मिला। वर्षों से उपेक्षित इस क्षेत्र में जहां अन्ना प्रथा से परेशान किसानों के लिए सरकार ने अन्ना प्रथा उन्मूलन को लेकर गौशालाओं का निर्माण कराया तो वही सिंचाई के संसाधनों का पुनरोद्धार किया। वही किसान सम्मान निधि के जरिए लाखों किसानों को आर्थिक मदद देने का काम किया। वहीं आर्थिक तंगी के चलते कर्ज में दबे परेशान किसानों का किसान ऋण मोचन योजना के जरिए कर्ज माफ करने का भी काम किया।

किसान सम्मान निधि व ऋण मोचन योजना बनी किसानों की संकटमोचन

सरकार ने किसान ऋण मोचन योजना के जरिए बांदा जिले के 59443 किसानों का 355.34 करोड रुपए का कर्ज माफ किया। जिससे इन किसानों पर कर्ज का बोझ खत्म हुआ। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना के अंतर्गत बांदा जिले के 298093 किसानों को 934.06 करोड रुपए की धनराशि से भी लाभान्वित किया गया। कहा जाए तो इस क्षेत्र के किसानों के लिए यह दोनों योजनाएं संकट मोचन बनी है। जिसके जरिए किसानों के सर से जहां कर्ज का बोझ खत्म हुआ है तो वहीं सम्मान निधि से किसानों का सम्मान भी बढ़ा है।

सरकार ने गौवंश और किसान दोनों को किया सुरक्षित

पूरे बुंदलेखंड में किसानों की सबसे बड़ी समस्या अन्ना गोवंश हैं। जिनसे निजात दिलाने के लिए योगी सरकार ने बांदा में स्थायी और अस्थाई गौशालाओं को बनवाया। वर्तमान में बांदा जिले में 299 गौशालाएं हैं जहां पर 60 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना का बांदा में असर यह है कि अब तक जिले के 4381 लाभार्थियों ने 7662 गोवंशों को गोद लेकर उनकी सेवा का संकल्प उठाया है। जिसके बदले सरकार गौपालकों को प्रति गोवंश प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये दे रही है।

60 साल बाद सूखी नहर में लौटा पानी

सिंचाई के क्षेत्र में सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ब्रिटिश काल की 60 साल से बंद पड़ी बांदा के पैलानी क्षेत्र की अलोना नहर को पुनर्जीवित किया। लगभग 2.70 करोड़ रुपये की लागत से हुए इस जीर्णोद्धार से इस क्षेत्र के 12 गांवों के हजारों किसानों की सिंचाई की समस्या स्थायी रूप से दूर हो गई है।

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