लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नर्सिंग को सेवा और संवेदना का पेशा बताते हुए रविवार को कहा कि जब सेवा और संवेदना मरीज के साथ सहयोगी बनती है तो उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी भावना के साथ राज्य सरकार नर्सिंग अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ रही है। मुख्यमंत्री ने यहां चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग से चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद अपने संबोधन में कहा, ”नर्सिंग का पेशा सेवा और संवेदना का है। आपकी सेवा और संवेदना जब मरीज के साथ जुड़ती है तो उसके परिणाम हम सबके सामने आते हैं।”
CM Yogi ने 1228 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस अवसर पर 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”नवरात्र के अवसर पर बेटियों को नियुक्ति पत्र प्राप्त होना नारी शक्ति के सशक्तीकरण का आदर्श उदाहरण है। मैं सभी अभ्यर्थियों को हृदय से बधाई देता हूं और उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग को धन्यवाद देता हूं।” मुख्यमंत्री ने कहा, ”वह दिन बीत गए जब यह सोचा जाता था कि मेडिकल कॉलेज या नर्सिंग कॉलेज खोलकर क्या होगा। मेडिकल शिक्षा महंगी हो सकती है, लेकिन नर्सिंग ऐसा क्षेत्र है जिसमें डिग्री लेने के बाद रोजगार की पूरी संभावना रहती है।”
‘भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की मांग देश में ही नहीं, दुनिया भर में है’
उन्होंने कहा कि भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की मांग केवल देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में हो रही है। योगी ने कहा, ”हाल में मैं जापान गया था, जहां बड़ी संख्या में नर्सिंग पेशेवरों की मांग की जा रही है। जर्मनी, कोरिया और यूरोप के अन्य देशों में भी भारतीय नर्सों की मांग है और उन्हें भरोसा है कि वे अच्छा कार्य करेंगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नर्सिंग अधिकारियों को सेवाओं से जोड़ रही है। उन्होंने कहा, ”आपका चयन लोकसेवा आयोग से हुआ है और अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से आपको इस अभियान को आगे बढ़ाना है।”
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचा कमजोर था। उन्होंने कहा, ”1947 से 2017 तक 70 वर्षों में प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे और निजी क्षेत्र सहित कुल संख्या 40 थी। आज सरकारी और निजी क्षेत्र मिलाकर इनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है। यह उपलब्धि नौ वर्षों के भीतर हासिल की गई है।” स्वास्थ्य विभाग का दायित्व संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नर्सिंग अधिकारियों को सेवा भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर वे सीधे संपर्क कर सकते हैं। समारोह को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी संबोधित किया।
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