Kanpur। कानपुर में सामने आए कथित किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में डोनर आयुष और खुद को डॉक्टर बताने वाले आरोपी अली के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई है, जिससे पूरे प्रकरण में हड़कंप मच गया है।
वायरल चैट में डोनर आयुष आरोपी अली से ऑपरेशन की तारीख को लेकर बातचीत करता नजर आ रहा है। वहीं, दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर भी चर्चा सामने आई है, जिससे अवैध ट्रांसप्लांट रैकेट की आशंका और गहरी हो गई है।
बताया जा रहा है कि आरोपी अली खुद को डॉक्टर बताकर इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहा था। चैट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि चैट की सत्यता की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि अवैध अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों को Transplantation of Human Organs and Tissues Act के तहत गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।
OneIndia24live Hindi News Channel Today Breaking News Hindi Samachar